ट्रंप का बड़ा ट्रेड एक्शन! भारत समेत 17 देशों पर 10% टैरिफ लागू, पाकिस्तान और बांग्लादेश भी सूची में शामिल

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नई दिल्ली: अमेरिका ने वैश्विक व्यापार नीति में बड़ा कदम उठाते हुए भारत सहित 17 देशों से आयात होने वाले उत्पादों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह फैसला उन देशों के खिलाफ लिया गया है, जहां जबरन मजदूरी से जुड़े उत्पादों के आयात पर प्रभावी रोक लगाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। नई टैरिफ दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

60 देशों की समीक्षा के बाद लिया गया फैसला

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत 60 देशों की समीक्षा के बाद नए टैरिफ की घोषणा की। यह फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर लिया गया। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इन देशों ने जबरन मजदूरी से तैयार उत्पादों के आयात को रोकने और संबंधित नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने में अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई।

भारत को मिली राहत, 12.5% की जगह लगा 10% टैरिफ

घोषणा के अनुसार भारत को 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ वाले समूह में रखा गया है। इससे पहले भारत को 12.5 प्रतिशत टैरिफ की श्रेणी में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही थी। अमेरिका का कहना है कि हाल के महीनों में भारत की ओर से उठाए गए कुछ कदमों को देखते हुए टैरिफ दर को कम श्रेणी में रखा गया है।

भारत ने बदली थी विदेश व्यापार नीति

अमेरिकी प्रशासन ने अपने दस्तावेज में उल्लेख किया है कि जून में प्रस्तावित टैरिफ की घोषणा के बाद भारत ने विदेश व्यापार नीति में संशोधन किया। 14 जून को भारत ने जबरन मजदूरी से बने उत्पादों के आयात पर रोक लगाने का निर्णय लिया, जिसे अमेरिकी समीक्षा के दौरान ध्यान में रखा गया।

इन देशों पर भी लागू होगा 10% अतिरिक्त शुल्क

भारत के अलावा कनाडा, ब्रिटेन, बांग्लादेश, पाकिस्तान सहित कुल 17 देशों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ वाली सूची में रखा गया है। वहीं कुछ अन्य देशों पर 12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है।

मानवाधिकार और व्यापार सुधार का बताया उद्देश्य

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने कहा कि यह कदम मानवाधिकारों की सुरक्षा और अनुचित व्यापारिक गतिविधियों पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत है। उनका कहना है कि इस नीति का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और जिम्मेदार व्यापार व्यवस्था को बढ़ावा देना है।

पुराने टैरिफ विवाद के बाद शुरू हुई नई प्रक्रिया

अमेरिकी प्रशासन ने यह नई कार्रवाई उस समय शुरू की थी, जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने आपातकालीन शक्तियों के तहत लगाए गए पिछले वर्ष के पारस्परिक टैरिफ को गैर-कानूनी करार दिया था। इसके बाद प्रशासन ने नई कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच शुरू की और अब धारा 301 के तहत नए टैरिफ लागू किए हैं।

भारत ने जताई आपत्ति, व्यापार समझौते पर जारी है बातचीत

भारत ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय की दोनों जांचों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। भारत का कहना है कि इन मुद्दों पर दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत बातचीत की जा सकती है। फिलहाल दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर वार्ता जारी है।

भारत-अमेरिका व्यापार का बड़ा दायरा

वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और भारतीय निर्यात का सबसे बड़ा बाजार है। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 141 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात 87.3 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया।

 

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