इंडो-नेपाल बॉर्डर पर बड़ी कार्रवाई: ‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़ा वांटेड बिक्रमजीत सिंह और अमेरिकी नागरिक गिरफ्तार, 3 स्थानीय मददगार भी दबोचे गए

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बहराइच: भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रूपईडीहा बॉर्डर पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में खालिस्तान समर्थक संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़े वांछित आरोपी बिक्रमजीत सिंह और एक अमेरिकी नागरिक मनबीर सिंह ढिल्लों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों के साथ अवैध घुसपैठ में मदद करने के आरोप में तीन स्थानीय लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। इस तरह कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार, 22 जुलाई को मिली खुफिया सूचना के आधार पर एसएसबी की 42वीं बटालियन और स्थानीय पुलिस ने रूपईडीहा सीमा क्षेत्र में संयुक्त अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान नेपाल से अवैध रास्ते के जरिए भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे दो संदिग्धों को पकड़ा गया, जिनकी पहचान बिक्रमजीत सिंह और अमेरिकी नागरिक मनबीर सिंह ढिल्लों के रूप में हुई।

‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़ा है बिक्रमजीत सिंह

जांच में सामने आया कि गिरफ्तार बिक्रमजीत सिंह पंजाब के रूपनगर का रहने वाला है और ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन से जुड़ा हुआ है। वह फरवरी 2023 में पंजाब के अजनाला थाना हिंसा मामले में वांछित था और उसके खिलाफ हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है। पुलिस के मुताबिक वह लंबे समय से फर्जी पहचान के सहारे नेपाल के काठमांडू में छिपकर रह रहा था।

बिना वीजा भारत में प्रवेश कर रहा था अमेरिकी नागरिक

दूसरा आरोपी मनबीर सिंह ढिल्लों मूल रूप से पंजाब के मोगा का निवासी है और अमेरिकी नागरिक है। जांच में पता चला कि उसके पास भारत आने के लिए वैध वीजा नहीं था और वह अवैध तरीके से सीमा पार करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के अनुसार, बिक्रमजीत उसे भारत में दाखिल कराने में मदद कर रहा था।

हालांकि मनबीर की पत्नी राइलीन अलेक्जेंडर ढिल्लों और उनकी आठ महीने की बेटी के पास वैध यात्रा दस्तावेज मौजूद थे। दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें इमिग्रेशन नियमों के तहत भारत में प्रवेश की अनुमति दे दी गई।

स्थानीय नेटवर्क का भी हुआ खुलासा

जांच एजेंसियों ने इस पूरे नेटवर्क में शामिल तीन स्थानीय सहयोगियों—सुरेश कुमार पाठक, दिलीप उपाध्याय और वाहन चालक राहुल कुमार—को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि ये लोग अवैध घुसपैठ कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।

एसपी बहराइच के अनुसार, पीलीभीत के पूरनपुर निवासी योग नामक व्यक्ति भी इस नेटवर्क का अहम हिस्सा बताया जा रहा है, जिसने कथित तौर पर पूरी घुसपैठ की व्यवस्था तैयार की थी।

फर्जी दस्तावेज बरामद, कई एजेंसियां कर रहीं पूछताछ

आरोपियों के कब्जे से कई संदिग्ध और कथित फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। मामले में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसएसबी, स्थानीय पुलिस, आईबी, एसओजी और इमिग्रेशन विभाग संयुक्त रूप से पूछताछ कर रहे हैं।

पंजाब पुलिस को भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी गई है। बताया जा रहा है कि पंजाब पुलिस की टीम बहराइच पहुंचकर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी, जबकि केंद्रीय एजेंसियां इस नेटवर्क के अन्य संभावित लिंक की जांच में जुटी हैं।

 

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