हॉर्मुज में फिर भड़का तनाव! भारत के 9 जहाज और 198 नाविक अब भी फारस की खाड़ी में मौजूद, समुद्री व्यापार पर बढ़ी चिंता

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तेहरान: पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से जारी संघर्ष के बीच समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता गहरा गई है। इस बीच सामने आई जानकारी के अनुसार, भारत के लिए माल लेकर आने वाले भारतीय और विदेशी झंडे वाले 50 जहाज विवाद शुरू होने के बाद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को सुरक्षित पार कर चुके हैं। वहीं, 198 भारतीय नाविकों के साथ भारत के 9 जहाज अब भी फारस की खाड़ी क्षेत्र यानी हॉर्मुज के पश्चिमी हिस्से में मौजूद हैं।

जहाज फंसे नहीं, सामान्य व्यापारिक गतिविधियों में लगे

शिपिंग मंत्रालय के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि भारतीय जहाज किसी संकट में नहीं हैं। अधिकारी के मुताबिक, ये सभी जहाज उस क्षेत्र में सामान्य व्यापारिक गतिविधियों में लगे हुए हैं और उन्हें फंसा हुआ नहीं माना जा सकता।

हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि भारत से पश्चिम एशिया के लिए रवाना होने वाले नए मालवाहक जहाज हॉर्मुज मार्ग पर आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं या नहीं। शिपिंग क्षेत्र से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए कंपनियां इस मार्ग पर नए जहाज भेजने को लेकर कुछ समय और इंतजार कर सकती हैं।

तनाव के बीच 50 जहाजों ने सुरक्षित पार किया हॉर्मुज

अधिकारियों के अनुसार, संघर्ष के दौरान कुल 50 जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पार कर चुके हैं। इनमें 18 भारतीय झंडे वाले जहाज और 32 विदेशी झंडे वाले पोत शामिल हैं।

इन जहाजों में 19 बल्क कैरियर, 14 एलपीजी परिवहन पोत, 12 कच्चे तेल के टैंकर, दो एलएनजी कैरियर और एक कंटेनर जहाज शामिल हैं, जो विभिन्न प्रकार का माल लेकर इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरे।

तीन व्यापारिक जहाजों पर हमले के बाद अमेरिका का बड़ा सैन्य एक्शन

पश्चिम एशिया में तनाव उस समय और बढ़ गया जब स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तीन व्यावसायिक जहाजों पर हमले हुए। इसके बाद अमेरिका ने मंगलवार को ईरान के खिलाफ कई शक्तिशाली सैन्य हमले किए। साथ ही, अमेरिका ने ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेचने की छूट देने वाला लाइसेंस भी रद्द कर दिया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन सैन्य अभियानों की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान के कथित अकारण और खतरनाक हमलों के जवाब में की गई है।

ईरान के कई सैन्य ठिकानों को बनाया गया निशाना

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, हवाई हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी तंत्र, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल साइटें, एंटी-शिप क्रूज मिसाइल सिस्टम, ड्रोन लॉन्च साइट और बंदरगाह सुविधाओं को निशाना बनाया गया।

अमेरिका ने इन घटनाओं को पिछले महीने दोनों देशों के बीच हुए युद्धविराम समझौते का स्पष्ट उल्लंघन बताया है, जिससे क्षेत्र में शांति बहाल होने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।

दक्षिणी ईरान में कई धमाकों की खबर

अमेरिकी हमलों के तुरंत बाद ईरानी सरकारी मीडिया ने दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में तेज धमाकों की सूचना दी। रिपोर्टों के मुताबिक, सिरीक बंदरगाह शहर, कश्म द्वीप और बंदर अब्बास क्षेत्र में विस्फोट सुने गए। इसके अलावा सिरीक के ताहेरोउई पियर इलाके में प्रोजेक्टाइल गिरने की भी जानकारी सामने आई है।

हालांकि, अब तक किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान या हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

कतर और सऊदी अरब ने हमलों की कड़ी निंदा की

हॉर्मुज में जिन तीन जहाजों को निशाना बनाया गया, उनमें कतर का एलएनजी टैंकर ‘अल रकीयात’ और सऊदी अरब के झंडे वाला टैंकर ‘वेद्यान’ भी शामिल था। कतर के टैंकर के इंजन रूम के पास ड्रोन हमला किए जाने की जानकारी सामने आई है।

कतर के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर और स्पष्ट उल्लंघन बताते हुए ईरान को इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया। विरोध दर्ज कराने के लिए कतर ने ईरानी उप-राजदूत को भी तलब किया। वहीं, सऊदी अरब ने कहा कि ऐसे हमले वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री नेविगेशन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।

ईरान ने अमेरिका पर लगाया समझौता तोड़ने का आरोप

दूसरी ओर, ईरान ने पूरे घटनाक्रम के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका द्वारा जलडमरूमध्य के जरिए नए मार्ग खोलने की कोशिश दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन का उल्लंघन है।

ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि समझौते का उल्लंघन जारी रहा तो उसके गंभीर परिणाम होंगे और वह अपने राष्ट्रीय हितों तथा सुरक्षा की रक्षा के लिए हर आवश्यक और निर्णायक कदम उठाएगा। ईरान ने यह भी दोहराया कि जलडमरूमध्य में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के बदले वहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने का उसे अधिकार है, हालांकि ओमान और पश्चिमी देशों ने इस दावे को खारिज कर दिया है।

 

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