भारत-जापान का आतंकवाद पर बड़ा संदेश! पाकिस्तान से सीमा पार आतंकी गतिविधियां रोकने की मांग, प्रतिबंधित संगठनों पर सख्त कार्रवाई की अपील
नई दिल्ली: आतंकवाद के खिलाफ भारत और जापान ने एक बार फिर साझा और कड़ा रुख अपनाया है। नई दिल्ली में आयोजित भारत-जापान वार्षिक शिखर बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सना तकाइची ने आतंकवाद के हर स्वरूप की कड़ी निंदा करते हुए सीमा पार आतंकवाद को वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। दोनों देशों ने पाकिस्तान से अपनी सरजमीं से संचालित सीमा पार आतंकी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। इसके साथ ही 29 जुलाई 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मॉनिटरिंग टीम की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया, जिसमें द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का जिक्र किया गया था।
दोनों देशों ने नवंबर 2025 में दिल्ली में हुए आतंकी हमले की भी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस हमले के दोषियों, साजिशकर्ताओं और आर्थिक मदद पहुंचाने वालों को बिना किसी देरी के कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।
प्रतिबंधित आतंकी संगठनों पर निर्णायक कार्रवाई की मांग
संयुक्त बयान में भारत और जापान ने आतंकवाद तथा हिंसक उग्रवाद के सभी रूपों की बिना किसी शर्त निंदा की। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के खिलाफ प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।
इसमें अल-कायदा, आईएसआईएस, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और उनसे जुड़े अन्य प्रतिबंधित संगठनों का भी उल्लेख किया गया। दोनों देशों ने कहा कि ऐसे संगठनों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
आतंकियों की फंडिंग और सुरक्षित ठिकानों पर भी सख्ती की अपील
भारत और जापान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने, आतंकियों की फंडिंग पर रोक लगाने, अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क से उनके संबंध समाप्त करने और सीमा पार आतंकियों की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आह्वान किया।
दोनों देशों ने इस बात पर भी जोर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग को और मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
रणनीतिक साझेदारी को मिला नया आयाम
यह संयुक्त बयान ऐसे समय सामने आया है, जब भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सीमा पार आतंकवाद और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी गतिविधियों का मुद्दा उठाता रहा है। भारत और जापान का यह साझा रुख दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी, सुरक्षा सहयोग और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समन्वय को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





