UP के युवाओं के लिए बड़ा तोहफा! 149 ITI में शुरू होंगे हाईटेक कोर्स, 1065 पदों पर होगी भर्ती

yogi_2_27_2-5

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के 149 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और एक प्रादेशिक स्टाफ प्रशिक्षण एवं शोध केंद्र में अत्याधुनिक तकनीकी कोर्स शुरू किए जाएंगे। यह पहल टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से लागू की जाएगी, जिससे युवाओं को नई तकनीकों और वैश्विक उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सकेगा।

राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल प्रदेश के युवाओं को चौथी औद्योगिक क्रांति से जुड़ी तकनीकों में दक्ष बनाकर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करेगी।

1065 पदों पर आउटसोर्सिंग से होगी नियुक्ति

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग के अनुसार आधुनिक कोर्सों के संचालन के लिए कुल 1065 पदों पर मानव संसाधन की व्यवस्था की जाएगी। इनमें 171 कार्यदेशक और 894 प्रशिक्षकों की नियुक्ति शामिल है।

इन सभी पदों पर सेवाएं आउटसोर्सिंग के माध्यम से ली जाएंगी। चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए जेम पोर्टल के जरिए सेवा प्रदाता एजेंसियों का चयन किया जाएगा। संबंधित पदों की शैक्षणिक योग्यता और अन्य मानदंड प्रशिक्षण निदेशालय द्वारा निर्धारित किए जाएंगे।

युवाओं को मिलेगी इंडस्ट्री 4.0 की ट्रेनिंग

नई व्यवस्था के तहत आईटीआई संस्थानों में पारंपरिक ट्रेड्स के साथ-साथ अत्याधुनिक और रोजगारपरक कोर्स संचालित किए जाएंगे। इन कोर्सों का उद्देश्य युवाओं को तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के अनुरूप तैयार करना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों में इलेक्ट्रिक व्हीकल मैकेनिक, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स एंड डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, एडवांस्ड सीएनसी मशीनिंग, मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस कंट्रोल एंड ऑटोमेशन, इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग एवं 3डी प्रिंटिंग, सीएएम प्रोग्रामिंग, बेसिक डिजाइनिंग एंड वर्चुअल वेरिफिकेशन तथा एडवांस्ड टूल्स आधारित प्रशिक्षण जैसे नौ आधुनिक कोर्स शामिल किए गए हैं।

देश ही नहीं विदेशों में भी बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

सरकार का मानना है कि इन आधुनिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित छात्र बहुराष्ट्रीय कंपनियों और वैश्विक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल हासिल कर सकेंगे। इससे उन्हें देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

नई तकनीकों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह पहल प्रदेश के युवाओं को प्रतिस्पर्धी रोजगार बाजार में मजबूत स्थिति दिलाने में मददगार साबित हो सकती है।

उत्तर प्रदेश को स्किल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम

प्रदेश सरकार लंबे समय से कौशल विकास को रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हुए काम कर रही है। इसी रणनीति के तहत आईटीआई संस्थानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी स्किल हब बनाना है, ताकि यहां के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण और रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हो सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से शुरू की जा रही यह पहल तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।

 

----------------------------------------------------------------------------------------------

एक नज़र