राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर रामलला के शिल्पकार की दो टूक! बोले- आस्था से खिलवाड़ करने वालों को मिले कड़ी सजा
अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में अब रामलला की प्रतिमा के प्रसिद्ध शिल्पकार अरुण योगीराज की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था की हर कीमत पर रक्षा होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं मामले को लेकर बढ़े विवाद के बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा नैतिक आधार पर अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं। इसी बीच इस पूरे घटनाक्रम पर देशभर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
‘श्रद्धालुओं के विश्वास की हर हाल में हो रक्षा’
मैसूर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अरुण योगीराज ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जांच के जरिए जल्द ही सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और भक्तों के विश्वास को किसी भी कीमत पर ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में किसी प्रकार की गलती या अनियमितता हुई है तो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। साथ ही दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
ट्रस्ट सदस्य ने भी उठाई सख्त कार्रवाई की मांग
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य विश्व प्रसन्न तीर्थ स्वामीजी ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो जिम्मेदार लोगों को कठोर दंड मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए थीं और पूरे मामले के सभी तथ्य सार्वजनिक होने चाहिए।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का सदस्य होने के नाते वह पूरी जानकारी सामने आने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहते। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें वह शामिल होंगे और मामले की विस्तृत जानकारी मिलने के बाद अपनी राय रखेंगे।
दान की रसीद को लेकर भी उठे सवाल
दान की रसीदों को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामीजी ने कहा कि उन्हें इस संबंध में पूरी जानकारी नहीं है। उनका मानना है कि बड़ी राशि का दान देने वाले श्रद्धालुओं को रसीद अवश्य लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी दान देने वाले और दान स्वीकार करने वाले दोनों पक्षों की होती है।
जांच पर टिकी देशभर की नजर
स्वामीजी ने कहा कि अयोध्या का राम मंदिर केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। ऐसे में यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसके पीछे की वजह और पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।





