राम मंदिर दान मामले की FIR पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उठाए सवाल

2025_2image_16_40_056388876swamiavimukteshwaranand-ll

संभल। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में दर्ज एफआईआर पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राथमिकी में केवल छोटे कर्मचारियों के नाम शामिल किए गए हैं, जबकि कथित तौर पर जिम्मेदार बड़े लोगों को जांच के दायरे से बाहर रखा गया है।

संभल में अपनी ‘गौ धर्म यात्रा’ के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े मामलों में शुरू से ही कई फैसले मनमाने ढंग से लिए गए। उनका कहना था कि ट्रस्ट के गठन में संतों, शंकराचार्यों और धार्मिक गुरुओं की बजाय राजनीतिक रूप से चुने गए लोगों को महत्व दिया गया।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कथित दान हेराफेरी मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, वे केवल नोटों की गिनती और बंडल बनाने का काम करते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बड़े स्तर पर कोई वित्तीय गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि आरोपों में कोई आधार नहीं होता तो जांच की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। उनके अनुसार, जांच के बाद एफआईआर दर्ज होना इस बात का संकेत है कि मामले में जांच योग्य तथ्य मौजूद थे। उन्होंने विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया।

भाजपा पर निशाना साधते हुए शंकराचार्य ने कहा कि पार्टी का हिंदुत्व “वास्तविक नहीं” है। उनका कहना था कि जो लोग वेदों, धर्मग्रंथों और धार्मिक गुरुओं की शिक्षाओं का पालन नहीं करते, वे स्वयं को हिंदू तो कह सकते हैं, लेकिन उनके विचार पारंपरिक सनातन सिद्धांतों के अनुरूप नहीं हैं।

हालांकि उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संभल की कल्कि नगरी में प्राचीन तीर्थ स्थलों के पुनर्विकास की पहल का स्वागत किया, लेकिन वाराणसी में मंदिरों से जुड़े कुछ सरकारी कदमों की आलोचना भी की।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि उनकी ‘गौ धर्म यात्रा’ 3 मई से जारी है और इसका उद्देश्य मतदाताओं को गौ-संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध उम्मीदवारों का समर्थन करने के लिए जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि यह किसी विशेष राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध का अभियान नहीं है, बल्कि गौ-संरक्षण और सनातन मूल्यों के प्रति जनजागरण का प्रयास है।

----------------------------------------------------------------------------------------------