शहरों में बढ़ती गर्मी बदल रही लोगों की आदतें! पार्क-सड़कों से बढ़ी दूरी, हरियाली और जलाशयों की ओर बढ़ रहा रुझान

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नई दिल्ली: दुनिया भर के शहरों में लगातार बढ़ रही शहरी गर्मी अब लोगों की जीवनशैली और सार्वजनिक स्थानों के उपयोग पर सीधा असर डाल रही है। एक नए शोध में खुलासा हुआ है कि बढ़ते तापमान के कारण लोग पार्कों, सड़कों और अन्य खुले सार्वजनिक स्थानों पर कम समय बिता रहे हैं। वहीं हरियाली, छायादार रास्तों और जलाशयों के आसपास लोगों की गतिविधियों में वृद्धि देखी जा रही है।

अध्ययन के मुताबिक केवल पार्कों की संख्या बढ़ाना या उनका क्षेत्रफल विस्तार करना पर्याप्त नहीं है। लोगों को बाहर निकलने और शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करने में सड़क किनारे मौजूद हरियाली, पेड़ों की छाया और पानी के स्रोतों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

चीन के फूझोउ शहर में किया गया अध्ययन

यह शोध चीन के फूझोउ विश्वविद्यालय के शोधकर्ता जियान सन और उनकी टीम ने किया है। अध्ययन के नतीजे वैज्ञानिक जर्नल ‘फ्रंटियर्स इन पब्लिक हेल्थ’ में प्रकाशित किए गए हैं।

शोध के दौरान चीन के दक्षिण-पूर्वी तटीय शहर फूझोउ में एक महीने तक फिटनेस ऐप “कीप” पर दर्ज 20 हजार से अधिक जॉगिंग रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं का उद्देश्य यह समझना था कि शहरी वातावरण और तापमान लोगों की शारीरिक गतिविधियों को किस तरह प्रभावित करते हैं।

ज्यादा गर्म क्षेत्रों में कम दिखीं शारीरिक गतिविधियां

अध्ययन में पाया गया कि जिन इलाकों में जमीन और इमारतों का तापमान अधिक था, वहां जॉगिंग और अन्य बाहरी गतिविधियां काफी कम दर्ज की गईं। इसके उलट अपेक्षाकृत ठंडे और हरियाली वाले क्षेत्रों में लोगों की सक्रियता अधिक रही।

शोधकर्ताओं का मानना है कि बढ़ती गर्मी लोगों को खुले स्थानों से दूर कर रही है, जिससे नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली पर भी असर पड़ सकता है।

खुले और कम घनत्व वाले इलाकों में अधिक सक्रिय दिखे लोग

अध्ययन में यह भी सामने आया कि जिन क्षेत्रों में ऊंची इमारतों का घनत्व कम था और आसमान का दृश्य अधिक खुला दिखाई देता था, वहां लोगों ने ज्यादा जॉगिंग और शारीरिक गतिविधियां कीं। दूसरी ओर संकरी गलियों और ऊंची इमारतों से घिरे क्षेत्रों में लोगों की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही।

शोध में यह तथ्य भी सामने आया कि कई लोकप्रिय जॉगिंग रूट सीधे तौर पर बड़े हरित क्षेत्रों में नहीं थे। यह स्थिति शहरों में हरियाली की असमान उपलब्धता की ओर भी संकेत करती है।

जलाशयों और खेल सुविधाओं के आसपास बढ़ी लोगों की मौजूदगी

नदियों, झीलों और वाटरफ्रंट क्षेत्रों के आसपास लोगों की गतिविधियां अधिक दर्ज की गईं। इसके अलावा जिन इलाकों में खेल सुविधाएं और व्यायाम के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा मौजूद था, वहां भी लोगों की भागीदारी ज्यादा देखी गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि जलाशय और हरित क्षेत्र स्थानीय तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, जिससे लोग ऐसे स्थानों पर अधिक समय बिताना पसंद करते हैं।

शहरों के विकास के लिए शोधकर्ताओं की अहम सलाह

शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि शहरी गर्मी के प्रभाव को कम करने और नागरिकों को अधिक सक्रिय बनाने के लिए छायादार जॉगिंग ट्रैक, सड़क किनारे बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, हरित गलियारे और जलाशयों से जुड़े पैदल मार्ग विकसित किए जाने चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन शहरों में बड़े पार्कों के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां छोटे पॉकेट पार्क, वर्टिकल गार्डनिंग और फुटपाथों के किनारे हरियाली विकसित करना प्रभावी विकल्प साबित हो सकता है।

 

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