वैश्विक तनाव के बीच तेल कीमतों में बड़ी गिरावट, 3% से ज्यादा टूटा बाजार

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वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में 3% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और ऊर्जा बाजार में हलचल देखने को मिली।

डब्ल्यूटीआई और ब्रेंट क्रूड में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुबह 10:28 बजे डब्ल्यूटीआई क्रूड 3.28% की गिरावट के साथ 92.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड 2.35% की कमजोरी के साथ 100.99 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा।

भारतीय बाजार में भी असर, एमसीएक्स पर कीमतें फिसलीं

वैश्विक बाजार के रुझान का असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर 20 अप्रैल 2026 के कच्चे तेल के कॉन्ट्रैक्ट में 2.52% की गिरावट दर्ज की गई और यह 8,621 रुपए पर आ गया।

ईरान में घटना से बढ़ा भू-राजनीतिक जोखिम

ईरान द्वारा वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी की हत्या की पुष्टि के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। उनकी मौत को ईरान के युद्ध नेतृत्व के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है और इससे क्षेत्रीय संघर्ष के और भड़कने की आशंका जताई जा रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी चिंता

तेल बाजार की चिंताओं के केंद्र में होर्मुज जलडमरूमध्य बना हुआ है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है। दुनिया के कुल ऑयल शिपमेंट का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। फिलहाल इस मार्ग से आवागमन प्रभावित है और जहाजों की आवाजाही सामान्य व्यापार की बजाय भू-राजनीतिक घटनाओं पर निर्भर हो गई है।

अमेरिका के प्रयास कमजोर, आपूर्ति पर अनिश्चितता

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सहयोगी देशों का समर्थन जुटाने के प्रयास कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं, जिससे सप्लाई चेन को सामान्य करने को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। इस बीच क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। ईरान हमले बढ़ा रहा है, जबकि अमेरिकी सेना जलडमरूमध्य के आसपास मिसाइल ठिकानों को निशाना बना रही है।

तेल कीमतों में सालभर में 70% उछाल

तेल की कीमतों में इस साल करीब 70% तक की तेजी आ चुकी है, जिसका मुख्य कारण अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। इसका असर अब आम उपभोक्ताओं पर भी दिखने लगा है। अमेरिका में डीजल की कीमतें 5 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई हैं। 

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