हड्डियों में दर्द हो या खून की कमी, हर मर्ज की दवा हैं ये 7 तरह की रोटियां

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भारतीय थाली में रोटी सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि सेहत की मजबूत नींव भी है। अक्सर लोग रोटी को केवल गेहूं तक सीमित मान लेते हैं, जबकि अलग-अलग अनाजों से बनी रोटियां शरीर को अलग-अलग पोषक तत्व देती हैं। हाल ही में डॉक्टर सलीम जैदी ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में ऐसी 7 तरह की रोटियों के बारे में बताया, जिन्हें डाइट में शामिल करने से हड्डियों की कमजोरी, खून की कमी, वजन और पाचन से जुड़ी समस्याओं में फायदा मिल सकता है।

गेहूं की रोटी
गेहूं की रोटी फाइबर और विटामिन-B से भरपूर होती है, जो शरीर को एनर्जी देती है। हालांकि, अधिक मात्रा में सेवन करने से वजन और ब्लड शुगर बढ़ सकती है। डॉक्टर की सलाह है कि गेहूं की रोटी सीमित मात्रा में खाएं या मल्टीग्रेन के रूप में इस्तेमाल करें।

बाजरे की रोटी
सर्दियों में बाजरे की रोटी किसी औषधि से कम नहीं। इसमें आयरन, मैग्नीशियम और ओमेगा-3 प्रचुर मात्रा में होते हैं। यह खून की कमी दूर करने, आंखों की रोशनी बढ़ाने और शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद करती है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण अस्थमा मरीजों के लिए भी लाभकारी हैं।

ज्वार की रोटी
वजन घटाने वालों के लिए ज्वार की रोटी बेहतरीन विकल्प है। यह कम कैलोरी वाली और ग्लूटेन-फ्री होती है। ज्वार पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करता है।

रागी की रोटी
रागी को कैल्शियम का पावरहाउस माना जाता है। इसकी रोटी हड्डियों को मजबूत बनाती है और हाई फाइबर की वजह से लंबे समय तक पेट भरा रखती है। साथ ही यह हीमोग्लोबिन बढ़ाने में भी सहायक है।

मक्के की रोटी
सर्दियों में मक्के की रोटी और सरसों का साग स्वाद के साथ सेहत भी देता है। विटामिन-A से भरपूर मक्के की रोटी इंस्टेंट एनर्जी और स्टैमिना बढ़ाती है। हालांकि यह थोड़ी भारी होती है, इसलिए सीमित मात्रा में ही खानी चाहिए।

बेसन की रोटी
चना आटे से बनी बेसन की रोटी प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होती है। यह मांसपेशियों को मजबूत करती है, ब्लड शुगर कंट्रोल में रखती है और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देती।

ओट्स की रोटी
ओट्स में पाया जाने वाला ‘बीटा-ग्लूकन’ फाइबर बैड कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है। ओट्स की रोटी गट के लिए हल्की होती है और वजन कंट्रोल में अहम भूमिका निभाती है।


अगर आप सिर्फ गेहूं की रोटी पर निर्भर हैं, तो अब वक्त है अपनी थाली में बदलाव करने का। अलग-अलग अनाजों की रोटियां न केवल स्वाद बढ़ाती हैं, बल्कि हड्डियों की मजबूती, खून की कमी, वजन और पाचन से जुड़ी कई समस्याओं से भी राहत दिलाती हैं