मोदी कैबिनेट के 7 बड़े फैसले: सेमीकॉन 2.0 मिशन को मंजूरी, वाराणसी में बनेंगे दो एलिवेटेड कॉरिडोर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बुनियादी ढांचे, सेमीकंडक्टर उद्योग, रेलवे, उर्वरक और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से जुड़े सात महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि इन फैसलों का उद्देश्य देश में आधुनिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, विनिर्माण क्षमता बढ़ाना और निवेश को प्रोत्साहित करना है।
वाराणसी को मिले दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर
कैबिनेट ने वाराणसी के लिए दो महत्वाकांक्षी एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को मंजूरी दी है। पहली परियोजना वरुण एक्सप्रेसवे है, जिसके तहत वरुण नदी के किनारे 43 किलोमीटर लंबा चार और छह लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस परियोजना पर 10,998 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य इसे लगभग चार वर्षों में पूरा करने का है।
दूसरी परियोजना गंगा नदी के किनारे 46 किलोमीटर लंबे छह लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर की है। यह मार्ग आईआईटी-बीएचयू के पास से होते हुए लंका चौक और रामनगर तक जाएगा। इस परियोजना में एक सिग्नेचर ब्रिज का भी निर्माण किया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 14,448 करोड़ रुपये तय की गई है।
सेमीकॉन 2.0 मिशन को मिली मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती देने के लिए सेमीकॉन 2.0 मिशन को भी मंजूरी दे दी है। इस मिशन के लिए 1,27,500 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर आधुनिक तकनीक और विनिर्माण उद्योग की रीढ़ हैं। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, ऑटोमोबाइल, रेलवे, रक्षा उपकरण और उन्नत तकनीकी प्रणालियों में चिप्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस मिशन से देश में संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन को मजबूती मिलेगी और भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मोबाइल फोन विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए 62,500 करोड़ रुपये की नई योजना को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा यूरिया-2026 राष्ट्रीय निवेश नीति को स्वीकृति दी गई है, जिससे उर्वरक क्षेत्र में निवेश और उत्पादन क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
रेलवे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ओडिशा में पारादीप-हरिदासपुर रेल लाइन के दोहरीकरण की 2,542 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी मिली है। वहीं डांगोपोसी-राजखरसावां के बीच चौथी रेल लाइन बिछाने के लिए 1,365 करोड़ रुपये की योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से देश में बुनियादी ढांचे का विस्तार, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।





