राम मंदिर में फिर एक्टिव हुए चंपत राय, तीर्थ यात्री सेवा केंद्र पहुंचकर कर्मचारियों से बोले- कोई दिक्कत हो तो बताएं

rammandir_champat_rai_1788751504294_c2e62935-bf64-42e7-98c5-e3c834651cc3_1788751508936_e915f2d6-a489-42e2-9d6a-c3fc98ea2050_e6a38b03-ed73-4efc-9241-0494efdebf8a_9f4d7a27-9269-4f65-b2d2-b5240055e018

अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट में नए महासचिव और पहले सीईओ की नियुक्ति के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय एक बार फिर सक्रिय नजर आए हैं। चढ़ावा चोरी मामले के बाद पहली बार वह तीर्थ यात्री सेवा केंद्र पहुंचे और करीब एक घंटे तक कर्मचारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों का हालचाल जाना और कहा कि कोई परेशानी हो तो हमें बताएं। चंपत राय के साथ पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा भी मौजूद रहे।

चंपत राय ऐसे समय में दोबारा सक्रिय दिखाई दिए हैं, जब श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट को नया पूर्णकालिक महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि और पहला सीईओ मिल चुका है। चढ़ावा चोरी के मामले के बाद चंपत राय पर लगातार सवाल उठे थे और उन्हें महासचिव पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

अखिलेश यादव ने उठाया था दान चोरी का मामला

जून में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर में दान की चोरी का मामला उठाया था। इसके बाद चंपत राय सबसे पहले सामने आए थे और वीडियो जारी कर आरोपों को गलत बताया था। हालांकि, मामले को लेकर दबाव बढ़ता गया और एसआईटी जांच में चोरी की पुष्टि हुई।

जांच में यह भी सामने आया कि अखिलेश यादव के आरोप लगाए जाने से पहले ही चंपत राय को चोरी की जानकारी थी। लाखों रुपये की बरामदगी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने पूरी घटना को डाका करार दिया था। इसके बाद चंपत राय पर दबाव बढ़ा और उन्होंने महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था।

राम मंदिर की व्यवस्थाओं से हटाए गए तीन कर्मचारियों की भी वापसी

अलग-अलग शिकायतों और आरोपों के बाद राम मंदिर की व्यवस्थाओं से हटाए गए तीन कर्मचारियों को भी दोबारा जिम्मेदारी दी गई है। नए पूर्णकालिक महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के आने के बाद शहीद कारसेवक वासुदेव गुप्ता के बेटे संदीप गुप्ता, केडी तिवारी और बजरंग पाठक को उनके पुराने दायित्वों के साथ बहाल कर दिया गया है।

विदेशी महिला की शिकायत के बाद हटाए गए थे संदीप गुप्ता

तीर्थ यात्री सेवा केंद्र में लॉकर व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे संदीप गुप्ता को एक विदेशी महिला की शिकायत के बाद व्यवस्था से हटा दिया गया था। लॉकर में सामान रखने को लेकर हुई कहासुनी के बाद विदेशी महिला ने ट्रस्ट को शिकायती पत्र दिया था।

अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने शिकायत के आधार पर संदीप गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर उन्हें काम से पूरी तरह हटा दिया गया था। शहीद कारसेवक के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए संदीप गुप्ता को राम मंदिर में रोजगार दिया गया था।

नए पूर्णकालिक महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के आने के बाद उनसे संदीप गुप्ता की बहाली की सिफारिश की गई। इसके बाद उन्हें दोबारा बहाल कर उसी स्थान पर तैनाती दे दी गई।

प्रसाद को लेकर विवाद के बाद हटाए गए थे केडी तिवारी और बजरंग पाठक

रामजन्मभूमि परिसर में तैनात एक महिला क्षेत्राधिकारी ने अपने मेहमानों के लिए प्रसाद दिलाने की सिफारिश की थी। प्रसाद व्यवस्था के प्रभारी बजरंग पाठक ने ट्रस्ट से आदेश दिलाने की बात कहते हुए सिफारिश मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद क्षेत्राधिकारी ने ट्रस्ट में उनकी शिकायत कर दी।

शिकायत के बाद अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने रामलला के आभूषणों और दानदाताओं की ओर से समर्पित वस्तुओं की देखरेख के प्रभारी केडी तिवारी और प्रसाद व्यवस्था प्रभारी बजरंग पाठक को राम मंदिर से हटाकर बाग बिजैसी स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम भेज दिया था।

केडी तिवारी ने वहां जाकर कार्यभार संभाल लिया था। वहीं बजरंग पाठक ने आदेश का पालन नहीं किया और कारसेवक पुरम में सेवा देते रहे। इसके बाद अंतरिम महासचिव ने उन्हें भी व्यवस्था से बाहर कर दिया था।

अब नए महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि ने केडी तिवारी और बजरंग पाठक को भी राम मंदिर में उनके पुराने दायित्वों के साथ वापस कर दिया है।

 

----------------------------------------------------------------------------------------------

एक नज़र