भारतीयों के लिए अमेरिका का H-1B वीजा होगा बेहद महंगा! 99 लाख नहीं, चुकाने पड़ सकते हैं 1.03 लाख डॉलर

H1B_Visa_1787616658117_178761665

नई दिल्ली: अमेरिका में नौकरी करने की चाह रखने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए H-1B वीजा को लेकर बड़ा झटका सामने आया है। अमेरिकी सरकार ने सालाना सीमा के तहत आने वाले H-1B वीजा आवेदनों पर 1,03,265 डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 99 लाख रुपये बैठती है। हालांकि, फिलहाल यह केवल प्रस्ताव है और इसे अभी लागू नहीं किया गया है।

मौजूदा शुल्क के ऊपर देना होगा अतिरिक्त पैसा
अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग ने संघीय रजिस्टर में प्रकाशित नोटिस में इस शुल्क का प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव के मुताबिक 1,03,265 डॉलर की राशि मौजूदा H-1B आवेदन शुल्क के अतिरिक्त अलग से ली जाएगी। इसमें अमेरिकी विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री या उससे अधिक योग्यता रखने वाले विदेशी आवेदकों के लिए निर्धारित 20,000 वीजा की अतिरिक्त श्रेणी भी शामिल होगी।

किन H-1B आवेदनों पर लागू होगा प्रस्ताव
गृह सुरक्षा विभाग के मुताबिक प्रस्तावित शुल्क केवल उन H-1B आवेदनों पर लागू होगा जो सालाना निर्धारित सीमा के अंतर्गत आते हैं। सालाना सीमा से बाहर रखे गए H-1B आवेदन इस शुल्क के दायरे में नहीं आएंगे। विभाग का कहना है कि इस शुल्क के जरिए विभिन्न सरकारी विभागों के बीच होने वाले खर्च की भरपाई की जाएगी।

अलग शुल्क लेने की बताई गई वजह
अमेरिकी विभाग ने कहा है कि अलग शुल्क रखने से इससे होने वाली आय का हिसाब रखने, उसके आवंटन और उससे जुड़ी जानकारी देने की प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकेगा। इसी वजह से 1,03,265 डॉलर को मौजूदा H-1B याचिका शुल्क में जोड़ने के बजाय अलग और अतिरिक्त शुल्क के तौर पर लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है।

हर साल 85 हजार H-1B वीजा की सीमा
अमेरिका में नियमित श्रेणी के तहत हर साल 65,000 H-1B वीजा जारी किए जाते हैं। इसके अलावा अमेरिकी विश्वविद्यालयों से मास्टर डिग्री या उससे ऊपर की डिग्री रखने वाले विदेशी कर्मचारियों के लिए 20,000 अतिरिक्त वीजा का प्रावधान है। इस तरह सालाना कुल 85,000 वीजा की सीमा निर्धारित है।

भारतीय पेशेवरों पर पड़ सकता है बड़ा असर
H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को विशेष क्षेत्रों में सैद्धांतिक या तकनीकी विशेषज्ञता रखने वाले विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। अमेरिका की प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से बड़ी संख्या में विशेषज्ञ कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए इस वीजा कार्यक्रम पर निर्भर रहती हैं। ऐसे में प्रस्तावित भारी शुल्क का असर भारतीय आवेदकों पर भी पड़ सकता है।

नौकरी जाने पर 60 दिन की मोहलत खत्म करने पर भी विचार
अमेरिका में गैर-आप्रवासी वीजा धारकों के लिए नौकरी जाने के बाद नई नौकरी तलाशने की 60 दिन की मोहलत को खत्म करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है। 8 अगस्त की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की स्थिति में कुछ खास गैर-आप्रवासी वीजा धारकों और उनके आश्रितों को मिलने वाली यह छूट समाप्त हो सकती है।

2017 में शुरू हुई थी 60 दिन की छूट
गैर-आप्रवासी वीजा धारकों के लिए 60 दिन की छूट अवधि वर्ष 2017 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य नौकरी जाने की स्थिति में विदेशी कर्मचारी और उनके आश्रितों को अमेरिका में रहते हुए नई नौकरी तलाशने का समय देना था। प्रस्ताव में बदलाव होने पर नौकरी जाने के बाद कुछ मामलों में विदेशी कर्मचारियों को तुरंत अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है।

 

----------------------------------------------------------------------------------------------

एक नज़र