नवी मुंबई में बड़ा फूड फर्जीवाड़ा! मैगी, कुरकुरे और थम्स अप की तारीखें बदलीं, नकली न्यूट्रिशन लेबल से हो रहा था खेल

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मुंबई: महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की छह दिन चली जांच में नवी मुंबई के एक गोदाम से एक्सपायर हो चुके और एक्सपायर होने वाले खाद्य उत्पाद बरामद किए गए हैं। आरोप है कि इन उत्पादों की असली मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी तारीखें हटाकर नई तारीखें दर्ज की जा रही थीं। कार्रवाई के दौरान पेप्सिको, नेस्ले, यूनिलीवर और कोका-कोला जैसे बड़े ब्रांडों के उत्पाद मिले। अधिकारियों को तारीखें मिटाने के लिए इस्तेमाल होने वाला रासायनिक पदार्थ और नए लेबल तैयार करने वाली मशीनें भी मिलीं। जांच से जुड़े दस्तावेजों के मुताबिक, करीब 80 हजार डॉलर मूल्य का सामान जब्त किया गया है।

नवी मुंबई के एक औद्योगिक क्षेत्र में स्थित यह गोदाम साधना एंटरप्राइजेज के निजी स्वामित्व और संचालन में था। यह जगह मुंबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से करीब 25 किलोमीटर दूर बताई गई है। अधिकारियों को गोदाम के चार कमरों में उपभोक्ता उत्पादों के करीब 5,000 कार्टन मिले।

इनमें पेप्सिको के लेज और कुरकुरे चिप्स, नेस्ले के मैगी मसाला नूडल्स, यूनिलीवर के नॉर मशरूम सूप और हेलमैन्स मेयोनेज़ के अलावा कोका-कोला के थम्स अप और लिम्का के कैन शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार, कई कुरकुरे और मैगी पैकेटों के साथ-साथ थम्स अप के कैन से भी मूल तारीखें हटाई गई थीं। इनमें से ज्यादातर सामान या तो पहले ही एक्सपायर हो चुका था या जल्द ही उसकी वैधता खत्म होने वाली थी।

असली तारीख मिटाकर नई जानकारी छापने का आरोप

जांच में सामने आया कि नए विवरण दर्ज करने से पहले पैकेट और कैन पर मौजूद मूल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी तारीखों को हटाया जाता था। गोदाम से मिले एक रासायनिक सॉल्वेंट को अधिकारियों ने पैकेजिंग पर छपी तारीखें मिटाने में इस्तेमाल होने वाले पदार्थ के तौर पर पहचाना।

इसके बाद कथित तौर पर मशीन की मदद से पैकेट और कैन पर नई जानकारी छापी जाती थी। पुलिस दस्तावेजों में कहा गया है कि नई जानकारी दर्ज करने से पहले असली मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी विवरण को खुरचकर या मिटाकर हटा दिया गया था।

विदेश भेजे जाने वाले उत्पादों पर भी फर्जी लेबल

जांच के दौरान ऐसे उत्पाद भी मिले जिन पर विदेश भेजने के लिए नकली न्यूट्रिशन लेबल लगाए जा रहे थे। कुरकुरे के पैकेटों पर कैलोरी और सर्विंग साइज से जुड़ी जानकारी बदलकर अंग्रेजी और फ्रेंच भाषा के फर्जी स्टीकर लगाए गए थे।

बदले गए लेबल में सामग्री की जानकारी में अनाज से बने उत्पादों की बताई गई मात्रा को 10 प्रतिशत कम कर दिया गया था। इसके साथ ही कैलोरी और सर्विंग साइज की संख्या में भी बदलाव किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, ऐसा इसलिए किया जा रहा था ताकि उत्पादों की जानकारी विदेशी बाजारों के नियमों के अनुरूप दिखाई दे।

जांच टीम को ऐसे उत्पाद भी मिले, जिन पर ऐसी मैन्युफैक्चरिंग तारीखें दर्ज थीं जो अभी आई ही नहीं थीं।

2 अक्टूबर 2026 की तारीख दोबारा छापी गई

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन के प्रमुख तुकाराम मुंडे के मुताबिक, कुछ पैकेटों पर 2 अक्टूबर 2026 की मैन्युफैक्चरिंग तारीख दोबारा छापी गई थी। उन्होंने इस मामले को सुनियोजित और चौंकाने वाला अपराध बताया है।

शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गोदाम 19 अज्ञात निर्यातकों के लिए काम कर रहा था। अधिकारियों ने बड़ी खाद्य कंपनियों से अपनी आपूर्ति श्रृंखला और ब्रांडिंग पर कड़ी निगरानी रखने की मांग की है।

 

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