ट्रंप की उम्मीदों को झटका! कनाडा से अलग नहीं होगा अल्बर्टा, 76% लोगों ने ठुकराया अलगाव का प्रस्ताव
76 प्रतिशत मतदाताओं ने कनाडा के साथ रहने का किया समर्थन
मंगलवार तड़के सामने आए नतीजों के मुताबिक, अल्बर्टा के मतदाताओं ने अलगाव की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से नकार दिया। करीब 76 प्रतिशत लोगों ने कनाडा के साथ बने रहने के पक्ष में मतदान किया, जबकि लगभग 23 प्रतिशत मतदाताओं ने अलग होने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का समर्थन किया। इस नतीजे को कनाडा की एकता के समर्थकों के लिए अहम जीत माना जा रहा है। फिलहाल इस प्रस्ताव के खारिज होने से अल्बर्टा को कनाडा से अलग करने की कोशिश को झटका लगा है।
ट्रंप की धमकियों के बीच आया चुनावी नतीजा
अल्बर्टा में यह मतदान ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कनाडा पर व्यापारिक दबाव बढ़ा रहे हैं और उसे अमेरिका में शामिल करने की धमकी भी दे चुके हैं। ऐसे माहौल में आए नतीजों को कनाडा की एकता के पक्ष में अहम राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी इससे पहले अल्बर्टा के लोगों से देश की एकता के समर्थन में निर्णायक मतदान करने की अपील की थी।
अलगाव के विरोध में अभियान चलाने वाले अल्बर्टा के पूर्व उपमुख्यमंत्री थॉमस लुकाशुक ने नतीजों के बाद अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, “हम एक मजबूत देश हैं, जो एक छोर से दूसरे छोर तक एकजुट है।”
तेल के विशाल भंडार वाला प्रांत, केंद्र सरकार से लंबे समय से नाराजगी
अल्बर्टा कनाडा के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा उत्पादक प्रांतों में शामिल है। यहां तेल के विशाल भंडार हैं, लेकिन संघीय सरकार की नीतियों को लेकर लंबे समय से असंतोष भी रहा है। प्रांत के कई लोगों का मानना है कि केंद्र सरकार की ऊर्जा, पर्यावरण और आर्थिक नीतियां अल्बर्टा के हितों के अनुरूप नहीं हैं।
इसी नाराजगी के चलते समय-समय पर अलगाववादी आंदोलन को समर्थन मिलता रहा है। हालांकि, केंद्र सरकार के प्रति असंतोष का मतलब यह नहीं है कि लोग कनाडा से पूरी तरह अलग होने के पक्ष में हैं। ताजा मतदान में भी बहुमत ने देश के साथ बने रहने का विकल्प चुना।
मुख्यमंत्री डेनियल स्मिथ के सामने भी थी राजनीतिक चुनौती
अल्बर्टा की मुख्यमंत्री डेनियल स्मिथ की सत्तारूढ़ यूनाइटेड कंजर्वेटिव पार्टी के भीतर अलगाववादियों का दबाव रहा है। इसी राजनीतिक माहौल के बीच यह मतदान कराया गया। हालांकि, स्मिथ खुद प्रांत की स्वतंत्रता की समर्थक नहीं हैं। उनके सामने एक ओर अलगाववादी विचारधारा रखने वाले समर्थकों की मांगें थीं, तो दूसरी ओर कनाडा के साथ बने रहने के पक्ष में जनमत भी मौजूद था।
नतीजों से अलगाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। इसके बावजूद अलगाववादी आंदोलन से जुड़े समर्थकों ने अपनी मुहिम जारी रखने के संकेत दिए हैं।
मतदान केंद्र देर से खुलने के कारण बढ़ाया गया समय
मतदान के दौरान कुछ केंद्रों पर देरी की स्थिति भी सामने आई। मतदान केंद्र देर से खुलने के कारण सोमवार को 100 से अधिक मतदान केंद्रों पर वोट डालने का समय बढ़ाना पड़ा। इस वजह से नतीजों की घोषणा में देरी हुई।
प्रांत के 13.5 लाख से अधिक मतदाताओं ने अग्रिम मतदान या विशेष मतपत्रों के जरिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। यह संख्या पात्र मतदाताओं की करीब 43 प्रतिशत थी।





