ट्रंप का ड्रोन पर 100% टैरिफ आज से लागू! चीन को बड़ा झटका, अमेरिकी बाजार में महंगे होंगे चीनी ड्रोन
वॉशिंगटन: अमेरिका ने ड्रोन और उनके कुछ हिस्सों के आयात पर गुरुवार से नया टैरिफ लागू कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कुछ श्रेणियों के ड्रोन पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाया है। अगस्त में ट्रंप ने इससे संबंधित आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें ड्रोन और उनके हिस्सों के आयात को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया था। अमेरिका का लक्ष्य ड्रोन क्षेत्र में अपनी आयात निर्भरता घटाना और घरेलू उद्योग को मजबूत करना है। इस फैसले का सबसे बड़ा असर चीन से आने वाले ड्रोन पर पड़ने की संभावना है।
इन ड्रोन पर लगेगा 100 फीसदी शुल्क
25 किलोग्राम से अधिक वजन वाले ड्रोन, थर्मल इमेजिंग की सुविधा वाले ड्रोन और डॉकिंग स्टेशन वाले ड्रोन पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है। वहीं, इससे कम वजन वाले ड्रोन पर 25 प्रतिशत शुल्क लागू किया गया है। नए शुल्क से अमेरिकी बाजार में प्रभावित श्रेणियों के ड्रोन की कीमत बढ़ सकती है और घरेलू कंपनियों को विदेशी निर्माताओं के मुकाबले प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलने की उम्मीद है।
चीन ने टैरिफ का किया विरोध
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिका के इस कदम का विरोध किया है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे टैरिफ से वैश्विक ड्रोन आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होगी और निष्पक्ष एवं प्रतिस्पर्धी बाजार का माहौल कमजोर पड़ेगा। चीन ने अमेरिकी फैसले पर कड़ा विरोध जताया है।
दुनिया के ड्रोन बाजार में चीन का दबदबा
चीन की कंपनी डीजेआई ने 2006 में स्थापना के बाद वैश्विक ड्रोन बाजार में मजबूत स्थिति बनाई है। कई अध्ययनों के मुताबिक कंपनी की हिस्सेदारी दुनिया के ड्रोन बाजार के दो-तिहाई से अधिक हिस्से तक पहुंच चुकी है। ऐसे में अमेरिका की नई शुल्क नीति से चीनी ड्रोन कंपनियों पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।
हालांकि, अमेरिका ने 2022 से डीजेआई को ऐसी सूची में शामिल कर रखा है, जिसमें कुछ चीनी कंपनियों को चीनी सेना से जुड़ा माना जाता है। इस सूची में शामिल कंपनियों की अमेरिकी तकनीक तक पहुंच पर प्रतिबंध लगाया जाता है। डीजेआई अपने नाम को इस सूची में शामिल किए जाने का विरोध कर रही है।
रूस-यूक्रेन युद्ध ने बढ़ाई ड्रोन की रणनीतिक अहमियत
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने सैन्य अभियानों में ड्रोन की बढ़ती भूमिका को सामने ला दिया है। दोनों पक्ष इलाके पर नियंत्रण बनाए रखने और आधुनिक युद्धक रणनीतियों में ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने भी ड्रोन को अमेरिका की राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया है। इसी वजह से घरेलू ड्रोन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आयात पर नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है।
यूरोप, जापान और ताइवान को टैरिफ में राहत
अमेरिका के साथ व्यापार समझौते करने वाले देशों से आने वाले ड्रोन पर अपेक्षाकृत कम शुल्क रखा गया है। यदि ड्रोन का पूरा हार्डवेयर और तकनीक संबंधित देश तथा अमेरिका से आती है, तो यूरोपीय संघ के लिए 15 प्रतिशत, जापान के लिए 15 प्रतिशत, स्विट्जरलैंड के लिए 15 प्रतिशत, ताइवान के लिए 15 प्रतिशत और ब्रिटेन के लिए 10 प्रतिशत टैरिफ लागू होगा।





