‘हनुमान अंश’ के भजन से देशभर में छाए नेत्रहीन गायक सुनील लोधी की जगी उम्मीद, आंखों के इलाज की प्रक्रिया शुरू
‘प्रभु, अब बस एक कृपा और कर देना…’
सुनील लोधी ने अपनी भावुक पोस्ट में लिखा कि ईश्वर ने हर मुश्किल समय में उनका साथ दिया और उन्हें हिम्मत दी है। अब आंखों के इलाज की शुरुआत होने से उनके मन में एक नई आस जगी है। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि उनके जीवन में भी रोशनी लौट आए, ताकि वह इस खूबसूरत दुनिया को अपनी आंखों से देख सकें।
उन्होंने अपने माता-पिता के वर्षों पुराने इंतजार का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी भी यह इच्छा पूरी हो और अपनों की दुआएं कबूल हों। सुनील ने चाहने वालों से उनके लिए दिल से प्रार्थना करने की अपील की है। उनका कहना है कि लोगों का प्यार, आशीर्वाद और दुआएं ही उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं।
सुनील की इस पोस्ट के बाद उनके प्रशंसक भावुक हैं और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। हालांकि, फिलहाल इलाज की प्रक्रिया शुरू हुई है। डॉक्टरों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि उनकी आंखों की रोशनी वापस आने की कितनी संभावना है।
कौन हैं सुनील लोधी? गांव की चौपालों से फिल्मी दुनिया तक पहुंचे
सुनील सिंह लोधी मध्य प्रदेश के सागर जिले के छोटे से गांव अगरा के रहने वाले हैं। 25 वर्षीय सुनील जन्म से दृष्टिबाधित हैं। आर्थिक तंगी के कारण उनकी पढ़ाई भी पूरी नहीं हो सकी, लेकिन उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति को कभी अपने हुनर के रास्ते की बाधा नहीं बनने दिया।
करीब 10-11 साल की उम्र से ही उन्होंने गांव के बुजुर्गों के बीच बैठकर पारंपरिक बुंदेली वाद्य यंत्र तमूरा बजाना और भजन गाना सीखा। धीरे-धीरे गांव की चौपालों, धार्मिक आयोजनों और स्थानीय कार्यक्रमों में उनकी आवाज की पहचान बनने लगी।
एक दौर ऐसा भी था, जब सुनील ट्रेनों में भजन गाकर अपनी आजीविका चलाते थे। साल 2019 में सोशल मीडिया पर उनके गायन को पहचान मिली। उनका गाया हनुमान भजन ‘ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान’ का वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद उनकी आवाज फिल्मी दुनिया तक पहुंची।
‘हनुमान अंश’ के भजन ने दिलाई देशभर में पहचान
नीम करौली बाबा पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ में सुनील लोधी ने ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ भजन गाया था। इस भजन को लोगों ने खूब पसंद किया और सुनील को देशभर में पहचान मिली।
फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर उनकी आंखों के इलाज में मदद के लिए आगे आईं। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी उनके उपचार के लिए सहायता का भरोसा दे चुके हैं। अब इलाज की प्रक्रिया शुरू होने के बाद सुनील और उनके परिवार को उम्मीद है कि उनकी जिंदगी में रोशनी लौट सकती है। हालांकि, इस बारे में अंतिम स्थिति डॉक्टरों की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।





