संजू सैमसन की लगातार नाकामी से बढ़ा दबाव, 4 टी20 में सिर्फ 29 रन; अब वैभव सूर्यवंशी को मौका देने की उठी मांग
लखनऊ: वेस्टइंडीज के खिलाफ इकाना स्टेडियम में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने 8 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। कप्तान श्रेयस अय्यर ने तूफानी शतक लगाकर जीत में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, इस शानदार प्रदर्शन के बीच विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन की खराब फॉर्म एक बार फिर चर्चा में आ गई। संजू इस मुकाबले में भी बड़ी पारी नहीं खेल सके और 9 गेंदों पर 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
चार पारियों में सिर्फ 29 रन, लगातार बढ़ रहे सवाल
संजू सैमसन के लिए हालिया मुकाबले निराशाजनक रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ 11 रन बनाने से पहले वह पाकिस्तान के खिलाफ सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हुए थे। इससे पहले श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने 7 रन बनाए थे, जबकि जापान के खिलाफ उनके बल्ले से 9 रन निकले थे।
इस तरह पिछली चार टी20 पारियों में संजू सैमसन के खाते में कुल 29 रन ही आए हैं। लगातार चार मुकाबलों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने के बाद उनके प्रदर्शन और टीम में जगह को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
अफगानिस्तान के खिलाफ लगाया था अर्धशतक
हालांकि, इन चार पारियों से पहले संजू ने अफगानिस्तान के खिलाफ 17 सितंबर को शानदार अर्धशतक लगाया था। उन्होंने 35 गेंदों पर 50 रन की पारी खेली थी। उस प्रदर्शन के बाद उम्मीद थी कि संजू लगातार अपने बल्ले से प्रभाव छोड़ेंगे, लेकिन इसके बाद उनकी पारियां छोटी ही रहीं।
लगातार खराब प्रदर्शन के चलते अब टीम में उनकी जगह को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
फैन्स बोले- वैभव सूर्यवंशी को दो मौका
संजू की लगातार नाकामी के बाद सोशल मीडिया पर फैन्स का एक वर्ग युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका देने की मांग कर रहा है। 15 साल के वैभव अपनी कम उम्र और आक्रामक बल्लेबाजी के कारण पहले ही भारतीय क्रिकेट में काफी चर्चा बटोर चुके हैं।
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में वैभव को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली और वह बाहर बैठकर मैच देखते नजर आए। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई फैन्स ने टीम प्रबंधन के फैसले पर सवाल उठाए।
कुछ यूजर्स का कहना है कि संजू को काफी मौके मिल चुके हैं और अगर उनका बल्ला लगातार खामोश है तो युवा खिलाड़ी को आजमाने पर विचार किया जाना चाहिए। एक यूजर ने कहा कि अब संजू से आगे बढ़ने का समय आ गया है। वहीं, कुछ फैन्स ने मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयनकर्ताओं पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि वैभव को प्लेइंग इलेवन में मौका कब मिलेगा।
सिर्फ चार पारियों से फैसला लेना आसान नहीं
हालांकि, सिर्फ चार पारियों के आधार पर किसी खिलाड़ी के भविष्य पर फैसला करना आसान नहीं है। संजू सैमसन के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव है और वह कई मौकों पर अपनी बल्लेबाजी से टीम को मैच जिता चुके हैं।
ऐसे में टीम प्रबंधन उनके अनुभव पर भरोसा कायम रखता है या युवा वैभव सूर्यवंशी को मौका देकर भविष्य की तैयारी शुरू करता है, यह आने वाले मुकाबलों में साफ होगा।
भारत ने सीरीज की शुरुआत जीत के साथ की है और अब नजर अगले मुकाबले पर है। एक तरफ संजू सैमसन से बड़ी पारी की उम्मीद होगी, वहीं दूसरी ओर फैन्स की निगाहें 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर भी रहेंगी। अगर टीम प्रबंधन प्लेइंग इलेवन में बदलाव करता है तो वैभव को मौका मिलना इस सीरीज की बड़ी चर्चाओं में से एक हो सकता है।





