पाकिस्तान को लेकर बेल्जियम ने भारत को दिया भरोसा, रक्षा तकनीक नहीं देने पर सहमति; दोनों देशों के बीच हुए 10 अहम समझौते

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नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत पाकिस्तान को लेकर अपनी सुरक्षा चिंताओं को लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठा रहा है। इसी क्रम में भारत ने बेल्जियम के सामने पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह का रक्षा समझौता नहीं करने और उसे रक्षा तकनीक हस्तांतरित नहीं करने का मुद्दा रखा। सूत्रों के मुताबिक, बेल्जियम ने भारत को आश्वस्त किया है कि वह पाकिस्तान के साथ ऐसा कोई रक्षा करार नहीं करेगा।

बेल्जियम ने भारत को दिया आश्वासन

सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत दौरे पर आए बेल्जियम के रक्षा एवं विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकन के साथ बातचीत के दौरान पाकिस्तान को रक्षा तकनीक दिए जाने से जुड़ी भारत की चिंता रखी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को रक्षा तकनीक उपलब्ध कराने से उसके दुरुपयोग और उसके आतंकियों तक पहुंचने का खतरा हो सकता है। भारत ने इसी वजह से बेल्जियम से पाकिस्तान को ऐसी तकनीक नहीं देने का आग्रह किया। बेल्जियम ने इस पर सहमति जताते हुए भारत को भरोसा दिया कि पाकिस्तान के साथ ऐसा कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

जापान के सामने भी भारत ने उठाया था यही मुद्दा

बेल्जियम और पाकिस्तान के बीच फिलहाल कोई रक्षा समझौता नहीं है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान इसके लिए प्रयास कर रहा है। इससे पहले भारत ने जापान के रक्षा मंत्री की भारत यात्रा के दौरान भी पाकिस्तान को रक्षा तकनीक हस्तांतरित नहीं करने की अपनी चिंता सामने रखी थी।

इसी दौरान रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने बेल्जियम की रक्षा कंपनियों से भारत की विनिर्माण क्षमता और बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करते हुए विशिष्ट रक्षा उत्पादों के संयुक्त विकास और उत्पादन में सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने इसे दोनों देशों की साझा सुरक्षा और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण बताया। थियो फ्रैंकन ने भी संयुक्त प्रयासों के जरिए दोनों देशों की सेनाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर बनी सहमति

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और थियो फ्रैंकन के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में दोनों पक्षों ने रक्षा और औद्योगिक सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। दोनों देशों ने सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने रक्षा सहयोग वार्ता, उच्चस्तरीय यात्राओं, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के माध्यम से द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत को अहम साझेदार मानता है बेल्जियम

बेल्जियम के रक्षा एवं व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकन ने भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता के रणनीतिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करने में बेल्जियम का प्रत्यक्ष सुरक्षा हित जुड़ा है। मजबूत भारतीय रक्षा क्षेत्र दक्षिण एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही यह एशिया में चीन के बढ़ते प्रभाव के सामने भारत को एक उपयोगी संतुलनकारी शक्ति के रूप में मजबूत कर सकता है।

भारत-बेल्जियम के बीच 10 अहम समझौतों और फैसलों पर सहमति

  1. रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की इच्छा
  2. भारत और बेल्जियम के रक्षा निर्माताओं के बीच समझौता ज्ञापन
  3. नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग
  4. केंद्रीय जांच ब्यूरो और बेल्जियम संघीय पुलिस के बीच समझौता
  5. कूटनीतिक प्रशिक्षण के लिए करार
  6. ब्रुसेल्स में रक्षा अताशे की नियुक्ति
  7. त्वरित निवेश तंत्र की स्थापना
  8. द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की घोषणा
  9. भारत-बेल्जियम व्यापार मंच का गठन
  10. भारत और बेल्जियम के बीच वाणिज्य दूतावास स्तर पर संवाद की स्थापना

 

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