देश में डिजिटल पेमेंट क्रांति ने रचा नया इतिहास, 10 साल में UPI के लेनदेन में 13,000 गुना बढ़ोतरी
नई दिल्ली। यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के मंगलवार को 10 साल पूरे हो गए। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की डिजिटल भुगतान क्रांति को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यूपीआई की शुरुआत भारत की डिजिटल भुगतान यात्रा में निर्णायक कदम साबित हुई है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से यूपीआई के साथ अपने अनुभव साझा करने और यह बताने की अपील भी की कि इसके आने से उनके जीवन में क्या बदलाव आया है।
10 साल में 13,000 गुना बढ़े यूपीआई लेनदेन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि एक दशक पहले शुरू हुआ यूपीआई भारत की डिजिटल भुगतान यात्रा में अब तक के सबसे निर्णायक फैसलों में से एक रहा है। उन्होंने यूपीआई के व्यापक विस्तार और पहुंच पर हर भारतीय को गर्व करने की बात कही।
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, यूपीआई पर वार्षिक लेनदेन की संख्या वित्त वर्ष 2016-17 में 1.78 करोड़ थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 24,162 करोड़ हो गई। यानी एक दशक में लेनदेन की संख्या में करीब 13,000 गुना वृद्धि हुई है।
लेनदेन की कुल राशि में भी जबरदस्त इजाफा
यूपीआई के जरिए होने वाले लेनदेन की कुल राशि में भी पिछले 10 वर्षों में बड़ा बदलाव आया है। वित्त वर्ष 2016-17 में यूपीआई लेनदेन का कुल मूल्य 0.07 लाख करोड़ रुपये था। यह वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 314 लाख करोड़ रुपये हो गया। आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में लेनदेन की कुल राशि में करीब 4,000 गुना बढ़ोतरी हुई है।
25 अगस्त 2016 को शुरू हुआ था यूपीआई
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम यानी एनपीसीआई ने 25 अगस्त 2016 को यूपीआई की शुरुआत की थी। इसके बाद से यह भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था का अहम हिस्सा बन गया है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, यूपीआई की व्यापक पहुंच, भरोसे और अलग-अलग भुगतान प्रणालियों के बीच तालमेल की क्षमता को दुनियाभर में पहचान मिली है।
रियल टाइम पेमेंट में दुनिया में सबसे आगे
वित्त मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने लेनदेन की संख्या के आधार पर यूपीआई को दुनिया का सबसे बड़ा रियल टाइम भुगतान सिस्टम माना है। वर्ष 2025 तक दुनिया भर में होने वाले रियल टाइम भुगतान लेनदेन की मात्रा में यूपीआई की हिस्सेदारी करीब 49 फीसदी थी।
डिजिटल भुगतान में भारत की बढ़ती ताकत
एक दशक के भीतर यूपीआई ने छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबार तक डिजिटल भुगतान को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेनदेन की संख्या और राशि में लगातार हुई बढ़ोतरी भारत में डिजिटल भुगतान के तेजी से विस्तार को दर्शाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी उपलब्धि को भारत की डिजिटल यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है।





