कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को इज़राइल का सलाम, मिलेगा देश का बड़ा नागरिक सम्मान

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नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई विमान में सवार 180 से अधिक लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को इज़राइल के राष्ट्रपति का नागरिक बहादुरी पुरस्कार दिया जाएगा। इज़राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने उनके साहस और पेशेवर दक्षता की सराहना करते हुए यह घोषणा की है। गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती कैप्टन मच्छार को यह सम्मान पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद दिया जाएगा।

को-पायलट के हमले के बावजूद नहीं मानी हार

घटना के दौरान विमान के ओमानी सह-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर कॉकपिट में आपातकालीन कुल्हाड़ी से कैप्टन मच्छार पर हमला किया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने उसका मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद विमान में सवार इज़राइली यात्री कॉकपिट के भीतर पहुंच सके और आरोपी को काबू में कर लिया गया। बताया गया है कि हम्माम अल-हम्मामी फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात की हिरासत में है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।

राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने की बहादुरी की सराहना

इज़राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने कैप्टन स्मित मच्छार के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने कहा कि भारतीय पायलट के असाधारण साहस और पेशेवर दक्षता ने एक बड़ी त्रासदी को टालने में अहम भूमिका निभाई। राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि मच्छार के स्वस्थ होने के बाद उन्हें इज़राइल की ओर से नागरिक बहादुरी के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान करना सम्मान की बात होगी।

तेल अवीव में बड़े हमले की थी कथित योजना

इज़राइली मीडिया की रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि आरोपी सह-पायलट विमान को अगवा कर तेल अवीव हवाई अड्डे पर किसी इमारत या दूसरे विमान से टकराना चाहता था। रिपोर्टों के अनुसार, उसकी योजना इज़राइल में 11 सितंबर 2001 जैसे हमले को अंजाम देने की थी। हालांकि, कैप्टन मच्छार के विरोध के कारण कथित योजना सफल नहीं हो सकी।

रेगिस्तान में विमान गिराने की भी हुई कोशिश

रिपोर्टों के मुताबिक, तेल अवीव में विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कथित योजना नाकाम होने के बाद सह-पायलट ने उस रेगिस्तानी इलाके में विमान को गिराने की कोशिश की, जिसके ऊपर से विमान गुजर रहा था। हालांकि, विमान में मौजूद ड्यूटी पर नहीं रहे अन्य पायलटों ने नियंत्रण संभाल लिया और विमान को सऊदी अरब ले गए। कैप्टन स्मित मच्छार के साहस और समय रहते किए गए विरोध को विमान में सवार यात्रियों की जान बचाने में निर्णायक माना जा रहा है।

 

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