आशीर्वाद आटा विवाद में ITC को बड़ी राहत, दिल्ली HC ने FSSAI की कार्रवाई पर लगाई रोक

Untitled-1-copy-394

नई दिल्ली। आशीर्वाद शुद्ध चक्की आटा के पैकेट पर ‘100%’ लिखने को लेकर चल रहे विवाद में आईटीसी को दिल्ली हाईकोर्ट से फिलहाल बड़ी राहत मिली है। अदालत ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) को अगली सुनवाई तक कंपनी के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने समेत कोई अंतिम कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है।
‘100%’ लिखने को लेकर शुरू हुआ विवाद
आशीर्वाद शुद्ध चक्की आटा के पैकेट पर ‘100%’ लिखे जाने को लेकर FSSAI और आईटीसी के बीच विवाद चल रहा है। खाद्य नियामक ने कंपनी को लाइसेंस रद्द किए जाने की चेतावनी दी थी। अब दिल्ली हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल कंपनी के खिलाफ इस दिशा में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जा सकेगा।
9 सितंबर तक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने मंगलवार को आईटीसी की याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने निर्देश दिया कि 9 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक FSSAI इस मामले में कोई अंतिम कार्रवाई न करे। अदालत ने खाद्य नियामक समेत अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर उनका जवाब भी मांगा है।
FSSAI ने मई में जारी की थी एडवाइजरी
FSSAI ने 28 मई को एक एडवाइजरी जारी कर खाद्य कंपनियों को लेबल, पैकेजिंग और विज्ञापनों में ‘100%’ शब्द के इस्तेमाल से बचने का निर्देश दिया था। इसी के तहत नियामक ने 10 अगस्त को आईटीसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। कंपनी को इसका जवाब 30 दिन के भीतर देना था।
इसके तीन दिन बाद 13 अगस्त को आईटीसी को एक सुधार नोटिस भी जारी किया गया। इसमें 15 दिन के भीतर उत्पाद के पैकेट से ‘100%’ शब्द हटाने की शर्त रखी गई थी।
आईटीसी ने एडवाइजरी को बताया मनमानी
आईटीसी की ओर से अधिवक्ता रोहित शर्मा ने अदालत में दलील दी कि FSSAI की एडवाइजरी मनमानी है। कंपनी का कहना है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कंपनियों को निर्धारित नियमों का पालन करना होता है, लेकिन नियामक कानून के दायरे से बाहर जाकर कोई नई पाबंदी लागू नहीं कर सकता।
कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि वर्ष 2020 के लेबलिंग नियमों और 2018 के विज्ञापन नियमों में उत्पाद पर ‘100%’ लिखने पर रोक नहीं है।
FSSAI ने हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र पर उठाया सवाल
सुनवाई के दौरान FSSAI ने आईटीसी की याचिका पर अधिकार क्षेत्र को लेकर आपत्ति जताई। नियामक का कहना है कि दिल्ली हाईकोर्ट के पास इस चुनौती की सुनवाई करने का अधिकार क्षेत्र नहीं है।
इस मुद्दे पर अदालत ने दोनों पक्षों को अधिकार क्षेत्र से जुड़े सवाल पर संक्षिप्त नोट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी।

----------------------------------------------------------------------------------------------

एक नज़र