खाड़ी में युद्ध जैसे हालात! अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान का पलटवार, कुवैत-बहरीन की ओर दागीं मिसाइलें
कुवैत: पश्चिम एशिया में तनाव खतरनाक स्तर तक पहुंचता नजर आ रहा है। ईरान के तटीय क्षेत्रों सिरिक और केश्म द्वीप पर अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि उसने क्षेत्र में मौजूद दुश्मन ठिकानों को निशाना बनाकर अपनी एयरोस्पेस फोर्स के जरिए मिसाइल हमले किए हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कुछ घंटे पहले ही ईरान के तटीय निगरानी रडार ठिकानों पर कार्रवाई की पुष्टि की थी। अमेरिका का दावा है कि यह कदम उन चार ईरानी ड्रोन को मार गिराने के बाद उठाया गया, जिन्हें क्षेत्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा माना गया था।
कुवैत और बहरीन में हाई अलर्ट
ईरान की प्रतिक्रिया के बाद कुवैत और बहरीन में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। कुवैत की सेना ने बताया कि वह संभावित मिसाइल और ड्रोन खतरों का सामना करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। वहीं बहरीन में एयर डिफेंस सायरन बजाए गए और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने कुवैत और बहरीन की दिशा में सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि इनमें से छह मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया, जबकि एक अन्य मिसाइल अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी।
पांचवें बेड़े को नुकसान के दावे पर अमेरिका का जवाब
ईरानी पक्ष की ओर से दावा किया गया कि बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को नुकसान पहुंचा है। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज कर दिया।
अमेरिकी बयान में कहा गया कि फिलहाल किसी अमेरिकी सैन्यकर्मी के हताहत होने या किसी सैन्य प्रतिष्ठान को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है। साथ ही बहरीन स्थित पांचवें बेड़े के मुख्यालय को नुकसान पहुंचने संबंधी दावों को गलत बताया गया है।
कुवैत सेना ने जारी की सुरक्षा सलाह
कुवैत की सेना ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। आधिकारिक बयान में कहा गया कि यदि लोगों को विस्फोट जैसी आवाजें सुनाई देती हैं तो वे वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा मिसाइलों और ड्रोन को निष्क्रिय किए जाने की वजह से हो सकती हैं।
सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दी चेतावनी
तनाव के बीच आईआरजीसी ने एक और बड़ा बयान जारी किया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई जारी रहती है तो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया जा सकता है।
आईआरजीसी ने कहा कि ऐसी किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी अमेरिका पर होगी। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है और यहां किसी भी प्रकार का व्यवधान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है।
पूरे क्षेत्र पर टिकी दुनिया की नजर
लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र के देशों ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नियंत्रित नहीं हुए तो इसका असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।



