कांवड़ यात्रा के लिए यूपी सरकार का बड़ा प्लान, अतिरिक्त बसों के साथ 24 घंटे कंट्रोल रूम रहेगा सक्रिय

91-20

नई दिल्ली: सावन माह में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अतिरिक्त रोडवेज बसें चलाने और यात्रा की निगरानी के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाले कंट्रोल रूम स्थापित करने का फैसला किया है। इसकी जानकारी राज्य सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में दी गई।

30 जुलाई से शुरू होगी कांवड़ यात्रा

सरकार के अनुसार, 30 जुलाई से शुरू होने वाली श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बसों का संचालन करेगा। साथ ही यात्रा के दौरान सभी गतिविधियों की निगरानी के लिए चौबीसों घंटे संचालित होने वाले नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे।

यात्रियों की सुविधा को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश

परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों को रोडवेज बसों के सुरक्षित संचालन और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह ने बताया कि प्रत्येक क्षेत्रीय मुख्यालय पर 24 घंटे संचालित होने वाला कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जो कांवड़ यात्रा शुरू होने से लेकर उसके समापन तक लगातार सक्रिय रहेगा और सभी गतिविधियों का रिकॉर्ड रखेगा।

इन प्रमुख मार्गों पर चलेंगी अतिरिक्त बसें

सरकार ने हरिद्वार जाने वाले कांवड़ यात्रियों की अधिक संख्या को देखते हुए विशेष रूप से अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे प्रमुख मार्गों पर भी आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा।

परिवहन मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कांवड़ यात्रियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने तथा उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि रोडवेज बसों के संचालन से कांवड़ यात्रा किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो और सभी बसें केवल जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित वैकल्पिक मार्गों पर ही संचालित की जाएं।

बरेली में बनेगा विशेष कंट्रोल रूम

कांवड़ यात्रा को देखते हुए बरेली में भी विशेष व्यवस्था की जा रही है। परिवहन विभाग के निर्देशानुसार पुराना बस स्टैंड स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधक, सेवा प्रबंधक और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बस चालकों और परिचालकों की काउंसलिंग करेंगे तथा उन्हें प्रशासन द्वारा निर्धारित डायवर्ट रूट का पालन करने के निर्देश देंगे।

चालकों की होगी नियमित जांच

निर्देशों के अनुसार, कांवड़ मार्गों पर बस चलाने वाले चालकों और परिचालकों का समय-समय पर अधिकारियों की टीम द्वारा ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट भी किया जाएगा। साथ ही बस चालक और परिचालकों को अपनी बसों में यात्रा कर रहे कांवड़ यात्रियों की संख्या की जानकारी कंट्रोल रूम को उपलब्ध करानी होगी।

इन शहरों से रहेगा श्रद्धालुओं का अधिक आवागमन

अयोध्या, गोरखपुर, आगरा, बरेली, मुरादाबाद, वाराणसी, मेरठ, सहारनपुर और गाजियाबाद से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के कांवड़ यात्रा पर निकलने की संभावना है। वहीं कछला और हरिद्वार से गंगाजल लाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने के कारण इन मार्गों पर अतिरिक्त बसों की विशेष व्यवस्था की जाएगी।

पहले सोमवार से पहले लागू होगा रूट डायवर्जन

तीन अगस्त को सावन का पहला सोमवार होने के कारण प्रशासन शुक्रवार से ही रूट डायवर्जन व्यवस्था लागू करेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी बस चालक निर्धारित वैकल्पिक मार्ग से हटकर बस का संचालन नहीं करेगा। जिन बसों में कांवड़ यात्री यात्रा करेंगे, उनकी विशेष निगरानी भी की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

 

----------------------------------------------------------------------------------------------

एक नज़र