2027 में पड़ सकता है शताब्दी का सबसे ताकतवर अल-नीनो, गर्मी और फसलों पर असर की आशंका
लंदन। अल-नीनो को लेकर सामने आई संभावित स्थिति ने मौसम वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 2027 में बनने वाला अल-नीनो इस शताब्दी का सबसे ताकतवर अल-नीनो साबित हो सकता है। ब्रिटेन के मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, यदि मौजूदा अनुमान सही साबित होते हैं तो 2027 में दुनिया को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है और 2024 में दर्ज तापमान के रिकॉर्ड भी पीछे छूट सकते हैं। इसके साथ ही वैश्विक मौसम और कृषि पर भी इसका व्यापक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
अल-नीनो से फसलों पर पड़ सकता है असर
अल-नीनो का असर मॉनसून पर पड़ने की आशंका पहले से जताई जा रही है। इसका सीधा प्रभाव भारत की कृषि व्यवस्था पर पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान तापमान सामान्य से करीब 3 डिग्री तक अधिक रह सकता है। मौसम विभाग की ओर से कहा गया है कि पिछले 100 वर्षों में अल-नीनो का इतना व्यापक प्रभाव देखने को नहीं मिला होगा, जितना इस साल और अगले साल देखने की आशंका है।
प्रशांत महासागर के तापमान में बढ़ोतरी
अल-नीनो की स्थिति को लेकर प्रशांत महासागर के तापमान पर भी नजर रखी जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 2015 की तुलना में फिलहाल समुद्र का तापमान करीब 2.6 डिग्री अधिक बना हुआ है। नवंबर तक इसके 3.9 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने का अनुमान जताया गया है। हालांकि ब्रिटेन के मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अल-नीनो को लेकर अभी आधिकारिक भविष्यवाणी जारी नहीं की गई है। लेकिन यदि मौजूदा अनुमान के अनुरूप इसकी तीव्रता बढ़ती है तो वैश्विक जलवायु पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
2027 में टूट सकता है 2024 की गर्मी का रिकॉर्ड
2024 में दुनिया के कई हिस्सों में रिकॉर्ड स्तर की गर्मी दर्ज की गई थी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि संभावित मजबूत अल-नीनो की वजह से 2027 में तापमान उससे भी ऊपर जा सकता है। अल-नीनो का प्रभाव आम तौर पर करीब नौ महीने से एक साल तक बना रह सकता है, जिससे लंबे समय तक वैश्विक तापमान प्रभावित होने की संभावना रहती है। मौसम विज्ञानी निक दुन्स्टोन के मुताबिक दुनियाभर का तापमान फिलहाल सामान्य स्तर से करीब 1.5 डिग्री अधिक है।
भारत में सामान्य से कम बारिश की आशंका
अल-नीनो के प्रभाव के कारण भारत में मॉनसून पर भी असर पड़ने की बात कही जा रही है। इस बार पूरे सीजन में सामान्य बारिश की करीब 90 फीसदी बारिश होने की उम्मीद जताई गई है, जो पिछले 11 वर्षों में सबसे कम हो सकती है। आईएमडी के वैज्ञानिक ओपी श्रीजीत ने कहा है कि 2027 में गर्मी 2024 के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ सकती है। ऐसे में देश के कई हिस्सों में हीटवेव का असर अधिक गंभीर होने की आशंका है।
रबी की फसल पर भी पड़ सकता है असर
2027 में बढ़ते तापमान का असर रबी की फसलों पर भी देखने को मिल सकता है। मौसम में बदलाव और बारिश की कमी से कृषि क्षेत्र प्रभावित होने की आशंका है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अल-नीनो की मजबूत स्थिति कई तरह की समस्याएं पैदा कर सकती है। कृषि उत्पादन पर असर पड़ने की स्थिति में खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है और लोगों को महंगाई की मार झेलनी पड़ सकती है।





