बच्चों में भी बढ़ रहा ब्रेन ट्यूमर का खतरा! सिरदर्द, उल्टी और दौरे को न समझें सामान्य, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

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नोएडा: सिरदर्द, उल्टी और बार-बार दौरे पड़ने जैसी समस्याओं को अक्सर सामान्य बीमारी या मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ये लक्षण ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी के संकेत भी हो सकते हैं। चिंता की बात यह है कि अब यह बीमारी केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि बच्चे और किशोर भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में कम उम्र के मरीजों में ब्रेन ट्यूमर के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डॉक्टरों का मानना है कि समय पर पहचान और उपचार से इस बीमारी से होने वाले गंभीर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

3 से 15 साल के बच्चे भी हो रहे प्रभावित

विशेषज्ञों के मुताबिक, पहले ब्रेन ट्यूमर के मामले मुख्य रूप से 50 से 70 वर्ष की आयु के लोगों में अधिक देखने को मिलते थे, लेकिन अब 3 से 15 वर्ष तक के बच्चे और किशोर भी इससे प्रभावित हो रहे हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि कई बार शुरुआती लक्षणों को सामान्य सिरदर्द, थकान या मौसम में बदलाव का असर मान लिया जाता है, जिससे बीमारी की पहचान में देरी हो जाती है।

इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार या बार-बार होने वाला सिरदर्द, सुबह के समय उल्टी होना, धुंधला दिखाई देना, दौरे पड़ना, संतुलन बिगड़ना और शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी महसूस होना गंभीर चेतावनी संकेत हो सकते हैं।

इसके अलावा दृष्टि संबंधी समस्याएं, बोलने में कठिनाई, याददाश्त कमजोर होना और व्यवहार में अचानक बदलाव भी किसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं।

बढ़ती जागरूकता से सामने आ रहे ज्यादा मामले

विशेषज्ञों का कहना है कि एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी आधुनिक जांच सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ने से अब ऐसे मामलों की पहचान पहले की तुलना में अधिक हो रही है। लोगों में जागरूकता बढ़ने के कारण भी मरीज समय रहते जांच कराने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।

डॉक्टरों के अनुसार, लगातार सिरदर्द को केवल स्क्रीन टाइम, तनाव या मौसम से जोड़कर देखना सही नहीं है। यदि लक्षण बार-बार दिखाई दें तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

डॉक्टरों ने बताए बचाव के उपाय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से सिरदर्द के पैटर्न में किसी भी बदलाव को गंभीरता से लेने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, नियमित और भरपूर नींद लेना, स्क्रीन टाइम सीमित रखना और आंखों को समय-समय पर आराम देना जरूरी है।

इसके साथ ही तनाव कम करने के लिए नियमित व्यायाम, योग और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि बिना चिकित्सकीय सलाह के लंबे समय तक दर्द निवारक दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए।

समय पर जांच से बच सकती है जान

विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रेन ट्यूमर के मामलों में शुरुआती पहचान सबसे महत्वपूर्ण होती है। लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते जांच और उपचार कराने से मरीज के स्वस्थ होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

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