‘रफ्तार’ के साथ बड़े पर्दे पर लौटेंगे राजकुमार राव, साउथ स्टार कीर्ति सुरेश संग पहली बार दिखेगी जोड़ी

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नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता राजकुमार राव ने अपनी नई फिल्म का ऐलान कर दिया है, जिसका नाम ‘रफ्तार’ रखा गया है। इस फिल्म में वह पहली बार साउथ की लोकप्रिय अभिनेत्री कीर्ति सुरेश के साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे। फिल्म की घोषणा होते ही इसे लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है।

यह फिल्म आदित्य निंबलकर के निर्देशन में बन रही है, जबकि इसका निर्माण राजकुमार राव की पत्नी पत्रलेखा कर रही हैं। फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले रोहन नरूला ने लिखा है। निर्माताओं का कहना है कि यह फिल्म महत्वाकांक्षा, शक्ति और रिश्तों के जटिल समीकरणों को दिलचस्प तरीके से पेश करेगी।

पत्रलेखा कर रही हैं फिल्म का निर्माण

‘रफ्तार’ का निर्माण कम्पा फिल्म्स के बैनर तले किया जा रहा है। फिल्म की निर्माता पत्रलेखा हैं, जबकि तरुण बाली इसमें कार्यकारी निर्माता की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म में मुख्य कलाकारों के अलावा अनुराग ठाकुर, रोहन वर्मा, तान्या मानिकतला और रजत कपूर जैसे कई प्रतिभाशाली कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

फिल्म की घोषणा के साथ ही मेकर्स ने इसकी रिलीज डेट भी तय कर दी है, जिससे दर्शकों को इसका इंतजार और बढ़ गया है।

इस दिन सिनेमाघरों में रिलीज होगी फिल्म

14 मार्च को फिल्म के मुख्य कलाकारों ने सोशल मीडिया के जरिए ‘रफ्तार’ की आधिकारिक घोषणा की। फिल्म का पोस्टर साझा करते हुए बताया गया कि यह फिल्म 24 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

पोस्टर के साथ साझा किए गए संदेश में लिखा गया कि महत्वाकांक्षा इसे बनाती है और लालच इसकी परीक्षा लेता है। इस लाइन से अंदाजा लगाया जा सकता है कि फिल्म की कहानी में महत्वाकांक्षा और संघर्ष का अहम रोल होगा।

महत्वाकांक्षा और रिश्तों की जटिल कहानी

फिल्म ‘रफ्तार’ की कहानी एक ऐसे संसार में आधारित बताई जा रही है, जहां महत्वाकांक्षा से साम्राज्य खड़े होते हैं और सफलता हासिल करने के लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। कहानी एक ऐसे पुरुष और महिला के रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है जो दोनों ही बेहद महत्वाकांक्षी हैं।

जैसे-जैसे उनके जीवन में धन, शक्ति और लालच का प्रभाव बढ़ता है, उनकी जीतने की चाहत प्रेम और रिश्तों से टकराने लगती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म हल्के हास्य के साथ यह भी दिखाएगी कि किस तरह शिक्षा का उद्देश्य ज्ञान देने से हटकर कई जगहों पर व्यवसाय और मुनाफे की ओर झुक गया है।