BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेने पुतिन आएंगे भारत, द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगा नया आयाम

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नई दिल्ली : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए एक बार फिर से भारत का दौरा करेंगे। बता दें कि इससे पहले उन्होंने दिसंबर 2025 में भारत का दौरा किया था। ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका और नए सदस्य देशों) के नेताओं की यह वार्षिक बैठक आर्थिक सहयोग, व्यापार, वैश्विक शासन और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए आयोजित की जाती है। यह बैठक सितंबर के महीने में हो सकती है।

रूस की समाचार एजेंसी टास ने बुधवार को क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के हवाले से बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल के अंत में भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में निश्चित रूप से भाग लेंगे। अभी तक शिखर सम्मेलन की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन TASS ने पहले भारतीय सरकार के एक सूत्र के हवाले से बताया था कि यह 12-13 सितंबर को होने वाला है।

ब्रिक्स वर्तमान में 11 सदस्य देशों का एक प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इसकी शुरुआत 2006 में चार देशों (ब्राजील, रूस, भारत और चीन) के साथ हुई थी, जिसे तब ‘ब्रिक’ (BRIC) कहा जाता था। लेकिन 2010 में इसमें दक्षिण अफ्रीका शामिल हो गया जिसके बाद इसे ब्रिक्स कहा जाने लगा। लेकिन अब कुछ और देशों को इससे जोड़ा गया है जिनमें मिश्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, यूएई और इंडोनेशिया शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह सम्मेलन सितंबर में (संभावित रूप से 12-13 सितंबर) आयोजित होगा। भारत BRICS की चौथी बार मेजबानी कर रहा है। इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में भी मेजबानी कर चुका है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन “निश्चित रूप से” सम्मेलन में शामिल होंगे। रूसी समाचार एजेंसी TASS ने भी इस खबर की पुष्टि की है। भारत ने पुतिन को आधिकारिक निमंत्रण भेजा है और दोनों देशों के बीच कोई बाधा नहीं है।

BRICS में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे प्रमुख उभरते अर्थव्यवस्थाओं वाले देश शामिल हैं। हाल के वर्षों में इस समूह का विस्तार हुआ है और नए सदस्य भी जुड़े हैं। यह मंच वैश्विक आर्थिक सहयोग, व्यापार वृद्धि, बहुपक्षीय सुधारों, ग्लोबल गवर्नेंस और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण है। वर्तमान समय में विश्व स्तर पर अनिश्चितता, ऊर्जा संकट, व्यापार युद्ध और क्षेत्रीय तनाव के बीच यह सम्मेलन विशेष महत्व रखता है। भारत की अध्यक्षता का थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” है, जो लोगों-केंद्रित और मानवता-प्रथम दृष्टिकोण पर आधारित है।

पुतिन की यह यात्रा भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी सहयोग पहले से ही मजबूत है। इससे पहले दिसंबर 2025 में भी पुतिन भारत यात्रा की थी। उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ उन्होंने वार्षिक शिखर सम्मेलन में शिरकत की थी। अब BRICS सम्मेलन में पुतिन की उपस्थिति से ग्लोबल साउथ की आवाज और मजबूती मिलेगी। यह बैठक उभरती अर्थव्यवस्थाओं को वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका बढ़ाने का अवसर देगी।

इससे पहले, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4-5 दिसंबर, 2025 को 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका जोरदार स्वागत किया था। इस यात्रा के दौरान आर्थिक संबंधों, ऊर्जा सहयोग और रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने पर चर्चा की गई थी। नेताओं ने भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के प्रति अपने समर्थन की पुष्टि की थी।