Jio IPO अक्टूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में आ सकता है, 37,800 करोड़ रुपये का इश्यू रचेगा नया रिकॉर्ड! जानिए कब होगा लॉन्च
नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह की टेलीकॉम और डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर निवेशकों की उत्सुकता बढ़ गई है। कंपनी करीब 4 अरब डॉलर यानी लगभग 37,800 करोड़ रुपये का सार्वजनिक निर्गम अक्टूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में पेश कर सकती है। अगर यह तय समयसीमा के आसपास बाजार में आता है तो यह इस साल भारतीय शेयर बाजार की सबसे बड़ी घटनाओं में शामिल हो सकता है।
नवरात्रि और दिवाली के आसपास की अवधि को लेकर कंपनी की गतिविधियों पर खास नजर है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स नवरात्रि के दौरान आईपीओ लाने की योजना पर विचार कर रही है। नवरात्रि 11 से 20 अक्टूबर तक है। अगर इस दौरान प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती है तो नवंबर के पहले सप्ताह में निर्गम लाने की संभावना है। दिवाली 8 नवंबर को है और इसके आसपास भी कंपनी की तैयारियां तेज हो सकती हैं।
हालांकि, आईपीओ की अंतिम तारीख अभी तय नहीं हुई है। कंपनी आने वाले कुछ हफ्तों में निर्गम की समयसीमा को लेकर औपचारिक जानकारी दे सकती है। तारीख तय होने के बाद संभावित निवेशकों और संस्थागत निवेशकों तक पहुंच बनाने के लिए बड़े स्तर पर रोड शो आयोजित किए जाने की योजना है।
विदेश और भारत में होंगे निवेशक संपर्क कार्यक्रम
जानकारी के मुताबिक, कंपनी विदेशों में करीब तीन सप्ताह और भारत में लगभग दो सप्ताह तक रोड शो कर सकती है। इन कार्यक्रमों के जरिए संभावित निवेशकों को जियो के कारोबार, वित्तीय स्थिति, विकास योजनाओं और प्रस्तावित आईपीओ से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
अगर अक्टूबर में निर्गम लाने की योजना आगे बढ़ती है तो विदेशों में निवेशकों से संपर्क का अभियान जल्द शुरू किया जा सकता है।
सेबी की मंजूरी के बाद आईपीओ का रास्ता साफ
जियो प्लेटफॉर्म्स की आईपीओ प्रक्रिया में एक अहम पड़ाव पहले ही पूरा हो चुका है। कंपनी ने जून में सार्वजनिक निर्गम से संबंधित ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस जमा किया था। इसके बाद भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने 28 अगस्त को आईपीओ प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद कंपनी के लिए सार्वजनिक निर्गम की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। अब बाजार की नजर आईपीओ की अंतिम तारीख और उसके मूल्यांकन से जुड़ी जानकारी पर है।
37,800 करोड़ का इश्यू, हुंडई और एनएसई से भी बड़ा हो सकता है
प्रस्तावित 37,800 करोड़ रुपये का आईपीओ आकार के लिहाज से देश के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल हो सकता है। फिलहाल पूरा हो चुका सबसे बड़ा आईपीओ हुंडई मोटर इंडिया का करीब 27,000 करोड़ रुपये का निर्गम है।
वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का करीब 31,000 करोड़ रुपये का प्रस्तावित आईपीओ भी बाजार में आने का इंतजार कर रहा है। ऐसे में जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित निर्गम दोनों से बड़ा हो सकता है।
27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना
आईपीओ के तहत जियो प्लेटफॉर्म्स करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना बना रही है। यह कंपनी की कुल हिस्सेदारी का लगभग 2.9 प्रतिशत हिस्सा बताया गया है। प्रस्ताव में मौजूदा शेयरधारकों की ओर से शेयर बेचने वाला ऑफर फॉर सेल शामिल नहीं है।
इसका मतलब है कि आईपीओ के जरिए जुटाई जाने वाली राशि मुख्य रूप से कंपनी के लिए नई पूंजी के रूप में आएगी।
करीब दो दशक बाद रिलायंस समूह का बड़ा आईपीओ
रिलायंस समूह के लिए भी यह आईपीओ बेहद महत्वपूर्ण है। करीब दो दशक बाद समूह की किसी बड़ी कंपनी का सार्वजनिक निर्गम बाजार में आने जा रहा है।
प्रस्तावित राशि में से लगभग 27,500 करोड़ रुपये जियो की परिचालन कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज समय से पहले चुकाने में इस्तेमाल किए जाने की योजना है। बाकी राशि सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए रखी जा सकती है।
मेटा से गूगल तक, कई बड़े वैश्विक निवेशक हिस्सेदार
जियो प्लेटफॉर्म्स में कई बड़े वैश्विक निवेशकों की हिस्सेदारी है। इनमें मेटा से जुड़ी जाधू होल्डिंग्स, गूगल इंटरनेशनल, सऊदी अरब का पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड, सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी, जनरल अटलांटिक, केकेआर और अबू धाबी की निवेश एजेंसी शामिल हैं।
इन बड़े निवेशकों की कुल हिस्सेदारी करीब 30.9 प्रतिशत बताई गई है। प्रस्तावित आईपीओ के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबार और भारतीय पूंजी बाजार में उसकी स्थिति को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ने की उम्मीद है।





