हर विधानसभा में खुलेंगे हाईटेक पशु अस्पताल! डायलिसिस से लेकर ऑपरेशन थिएटर तक मिलेगी आधुनिक इलाज की सुविधा

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पशुपालन और पशु चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में योगी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस आदर्श पशु चिकित्सालय स्थापित करने की योजना तैयार की है। इन अस्पतालों में सामान्य उपचार के साथ गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज की उन्नत सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रत्येक अस्पताल के निर्माण और सुविधाओं पर तीन करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे।

इन आधुनिक पशु चिकित्सालयों में डायलिसिस, डिजिटल एक्स-रे, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आंखों की सर्जरी, हड्डी टूटने की स्थिति में ऑर्थोपेडिक सर्जरी तथा गंभीर रूप से बीमार पशुओं को भर्ती कर इलाज की व्यवस्था होगी। उपचार के दौरान पशुओं के भोजन, देखभाल और रिकवरी की सुविधाएं भी अस्पताल परिसर में ही उपलब्ध कराई जाएंगी।

स्थानीय स्तर पर मिलेगा उन्नत उपचार

पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि यह योजना प्रदेश के लाखों पशुपालकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। उन्होंने कहा कि अब तक गंभीर बीमारियों या जटिल सर्जरी के लिए पशुपालकों को बड़े शहरों या विशेष संस्थानों का रुख करना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी।

हर जिले में मिलेगी आधुनिक चिकित्सा सुविधा

योजना के तहत स्थापित होने वाले आदर्श पशु चिकित्सालयों को नवीनतम चिकित्सा उपकरणों और आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया जाएगा। अस्पतालों में डायलिसिस यूनिट, डिजिटल एक्स-रे, ऑपरेशन थिएटर, रिकवरी वार्ड और भर्ती वार्ड की व्यवस्था रहेगी। आंखों की बीमारियों के उपचार और ऑपरेशन के साथ दुर्घटना या फ्रैक्चर की स्थिति में भी पशुओं का विशेषज्ञ इलाज किया जाएगा।

भर्ती पशुओं की होगी चौबीसों घंटे निगरानी

सरकार ने गंभीर रूप से बीमार पशुओं को अस्पताल में भर्ती कर उपचार देने की विशेष व्यवस्था भी की है। इलाज के दौरान पशुओं के लिए संतुलित भोजन, साफ-सफाई और चौबीसों घंटे चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। उपचार प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और उपचार की गुणवत्ता की नियमित निगरानी भी की जाएगी।

ग्रामीण पशुपालकों को मिलेगी बड़ी राहत

पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि योजना का विस्तार विधानसभा स्तर तक किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। प्रत्येक आदर्श पशु चिकित्सालय पर 2.55 करोड़ रुपये भवन निर्माण पर तथा लगभग 50 लाख रुपये उपकरण, फर्नीचर, सोलर सिस्टम और अन्य आवश्यक संसाधनों पर खर्च किए जाएंगे।

विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्टाफ की होगी तैनाती

सरकार केवल आधुनिक भवन और उपकरण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अस्पतालों में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों और पैरा वेटरनरी स्टाफ की भी नियुक्ति की जाएगी। इन्हें आधुनिक उपकरणों के संचालन, आपातकालीन उपचार, ऑपरेशन में सहयोग और पशुओं की देखभाल का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उपचार की गुणवत्ता और बेहतर हो सके।

पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मिलने से पशुओं की मृत्यु दर में कमी आएगी, उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और पशुपालकों की आय में भी सकारात्मक वृद्धि होगी। इससे प्रदेश के डेयरी और पशुधन क्षेत्र को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

 

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