जंक फूड पर सरकार की बड़ी तैयारी! स्कूलों के 50 मीटर दायरे में बिक्री पर लग सकती है रोक, बच्चों की सेहत बचाने के लिए आएंगे सख्त नियम
नई दिल्ली: देश में जंक फूड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की बढ़ती खपत को देखते हुए सरकार जल्द सख्त कदम उठा सकती है। बच्चों और युवाओं को अस्वास्थ्यकर खानपान के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए विशेषज्ञ समिति ने कई अहम सिफारिशें की हैं। इनमें स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की बिक्री पर प्रतिबंध, बच्चों को लक्षित विज्ञापनों पर नियंत्रण, खाद्य पैकेटों पर स्पष्ट चेतावनी लेबल और अधिक नमक, चीनी व वसा वाले उत्पादों पर अतिरिक्त टैक्स लगाने जैसे सुझाव शामिल हैं। सरकार इन सिफारिशों पर विचार कर रही है।
जंक फूड की खपत में तेज बढ़ोतरी
विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की बिक्री पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। वर्ष 2006 में इनकी खुदरा बिक्री 0.9 अरब डॉलर थी, जो 2019 तक बढ़कर 37.9 अरब डॉलर पहुंच गई। वहीं 2009 से 2023 के बीच जंक फूड की बिक्री में लगभग 150 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
मोटापा और बीमारियों का बढ़ता खतरा
रिपोर्ट में बताया गया है कि 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग के 23.5 प्रतिशत भारतीय अधिक वजन या मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं। पुरुषों में यह आंकड़ा 22.9 प्रतिशत से बढ़कर 27.3 प्रतिशत हो गया है, जबकि महिलाओं में यह 24 प्रतिशत से बढ़कर 30.7 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंक फूड का बढ़ता सेवन इस स्थिति का प्रमुख कारण बन रहा है।
विशेषज्ञ समिति ने दिए ये बड़े सुझाव
विशेषज्ञ समिति ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई सख्त उपाय सुझाए हैं। इनमें देशभर के स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड और अस्वास्थ्यकर स्नैक्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने, बच्चों को आकर्षित करने वाले विज्ञापनों पर कड़े नियम लागू करने, पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर बड़े और स्पष्ट चेतावनी लेबल अनिवार्य करने तथा अधिक नमक, चीनी और वसा वाले उत्पादों पर अतिरिक्त टैक्स लगाने की सिफारिश शामिल है।
सरकार कर रही है सुझावों पर विचार
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि बच्चों में जंक फूड की बढ़ती आदत पर समय रहते रोक नहीं लगी तो कम उम्र में ही मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसी को देखते हुए सरकार इन सुझावों का अध्ययन कर रही है और आने वाले समय में नीतिगत फैसले लिए जा सकते हैं।
कर्नाटक सरकार पहले ही उठा चुकी है कदम
इस बीच कर्नाटक सरकार ने हाल ही में स्कूलों और अस्पतालों में जंक फूड की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। यह फैसला जंक फूड के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए लिया गया है।





