BRICS समिट से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर; रिज में घुड़सवार जवानों ने संभाली कमान
नई दिल्ली: भारत में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के बीच राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। BRICS समिट 2026 को देखते हुए शनिवार को नई दिल्ली जिला पुलिस ने रिज इलाके में बड़े स्तर पर कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया। अभियान का मकसद पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और पुलिस की मौजूदगी को मजबूत करना था। नई दिल्ली के डीसीपी ने सोशल मीडिया मंच X पर बताया कि बाहरी जिला पुलिस के साथ मिलकर रिज इलाके में व्यापक कॉम्बिंग ऑपरेशन किया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, बाहरी जिला पुलिस बल के साथ समन्वय कर चलाए जा रहे इस अभियान के जरिए रिज क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस की नजर किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर है। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए रिज इलाके में घुड़सवार पुलिस दल भी तैनात किए गए हैं। घोड़े पर सवार जवान पूरे क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं।
रिज की पगडंडियों और रास्तों पर भी निगरानी
रिज जैसे बड़े और खुले इलाके में रास्तों और पगडंडियों पर निगरानी रखना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ऐसे में घुड़सवार पुलिस की तैनाती को सुरक्षा की अतिरिक्त परत के तौर पर देखा जा रहा है। जवान पूरे इलाके में लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल नजर रखी जा सके।
भारत मंडपम में डॉग स्क्वॉड समेत कड़े सुरक्षा इंतजाम
राजधानी के भारत मंडपम में भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यहीं 12 और 13 सितंबर को 18वां BRICS शिखर सम्मेलन आयोजित हो रहा है। आयोजन स्थल पर डॉग स्क्वॉड के साथ सुरक्षा के कई स्तर बनाए गए हैं।
BRICS समिट 2026 की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने करीब 15,000 जवानों को तैनात किया है। इसके अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की करीब 200 कंपनियां भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाई गई हैं।
15 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी संभाल रहे मोर्चा
दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त सुरक्षा मनीष अग्रवाल ने शुक्रवार को बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए दिल्ली पुलिस के 15,000 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय की ओर से करीब 200 CAPF कंपनियां उपलब्ध कराई गई हैं। इन जवानों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ अन्य जरूरी परिचालन कार्यों के लिए तैनात किया जा रहा है।
‘नवाचार, सहयोग और सतत विकास’ है इस साल की थीम
इस साल BRICS शिखर सम्मेलन की थीम ‘नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए लचीलापन बढ़ाना’ है। भारत BRICS का संस्थापक सदस्य है। इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में इस समूह की अध्यक्षता कर चुका है।
BRICS प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग और समन्वय के महत्वपूर्ण मंच के रूप में सामने आया है। यह बहुपक्षीय संस्थानों में ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाता है।
11 देशों का समूह है BRICS
BRICS का एजेंडा विकास, वित्त, तकनीक, व्यापार और लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। वर्तमान में इस समूह में कुल 11 देश शामिल हैं। इनमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
18वां BRICS शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत में दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेता और प्रतिनिधि जुटे हैं। इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने राजधानी में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है।





