भारत समेत 17 देशों पर अमेरिका का बड़ा एक्शन, 10% अतिरिक्त टैरिफ लागू; पाकिस्तान-बांग्लादेश भी लिस्ट में

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नई दिल्ली: अमेरिका ने जबरन श्रम से जुड़े उत्पादों पर सख्त रुख अपनाते हुए भारत समेत 17 देशों से आयात होने वाले सामान पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने सेक्शन 301 के तहत की गई जांच के बाद यह फैसला लिया है। नई शुल्क दरें शुक्रवार से प्रभावी हो गई हैं। इस सूची में भारत के साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश, कनाडा, मलेशिया, मेक्सिको और ब्रिटेन समेत कई अन्य देश भी शामिल हैं।

सेक्शन 301 जांच के बाद लिया गया फैसला

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अनुसार यह कार्रवाई उन देशों के खिलाफ की गई है, जिन्होंने जबरन श्रम से तैयार उत्पादों के आयात पर रोक लगाने के लिए पर्याप्त और प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं या इस संबंध में आवश्यक नियम लागू नहीं किए हैं। भारत को 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ वाले निचले स्लैब में रखा गया है, जबकि कुछ अन्य देशों पर 12.5 फीसदी तक अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है।

ट्रंप के आदेश पर हुई थी व्यापारिक साझेदारों की समीक्षा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश के बाद 60 व्यापारिक साझेदार देशों की समीक्षा की गई थी। शुरुआती आकलन में भारत पर 12.5 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन श्रम मानकों को लेकर दोनों देशों के बीच हुई सकारात्मक बातचीत के बाद भारत को 10 फीसदी वाले स्लैब में रखा गया।

अमेरिका ने बताई कार्रवाई की वजह

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि वर्षों से अपील किए जाने के बावजूद वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जबरन श्रम पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका लंबे समय से ऐसे उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लागू करता रहा है और अब वह अपने व्यापारिक साझेदारों से भी इसी तरह के प्रभावी कदम उठाने की अपेक्षा करता है।

इन देशों पर भी लगा 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ

भारत के अलावा अर्जेंटीना, बांग्लादेश, कंबोडिया, कनाडा, इक्वाडोर, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, होंडुरास, इंडोनेशिया, जॉर्डन, मलेशिया, मेक्सिको, पाकिस्तान, श्रीलंका, त्रिनिदाद एंड टोबैगो और ब्रिटेन को भी 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ वाले समूह में शामिल किया गया है। वहीं कुछ अन्य देशों पर 12.5 फीसदी तक अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है।

भारत ने पहले ही शुरू कर दी थी तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, 12.5 फीसदी टैरिफ की आशंका को देखते हुए भारत ने जबरन श्रम से जुड़े उत्पादों की पहचान और उनकी निगरानी के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए थे, ताकि अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। हालांकि स्टील, एल्युमिनियम जैसे उत्पाद, जिन पर पहले से अलग क्षेत्रीय टैरिफ लागू हैं, इस फैसले के दायरे में नहीं आएंगे। इसके अलावा कुछ ऊर्जा उत्पाद, उर्वरक और यूएसएमसीए के तहत होने वाला व्यापार भी अतिरिक्त शुल्क से बाहर रखा गया है।

 

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