अमेरिका-ईरान तनाव से सहमा बाजार, सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा टूटा

Asia stock markets rebound after Donald Trump paused global tariffs

TAIPEI, TAIWAN - APRIL 10: Screens showing surging stock shares at the Taiwan Stock Exchange office, following U.S. President Donald Trump's surprise decision to pause the global tariffs, in Taipei, Taiwan, on April 10, 2025. Stock markets in the Asia-Pacific and Europe such as Taiwan, Japan, South Korea, Singapore, Hong Kong, China, and India have seen surges in shares following Washington's decision to halt the implementation of global high tariffs for 90 days The indexes showing signs of rebound include NIKKEI, KOSPI, HSI, TAIEX, DAX, DJIA and so on. However, tariffs on China remain unchanged. (Photo by Daniel Ceng/Anadolu via Getty Images)

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान दबाव देखने को मिला। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

कारोबार के दौरान सेंसेक्स 816 अंक यानी 1.09 प्रतिशत गिरकर 73,833 के निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं निफ्टी 200 अंक यानी 0.86 प्रतिशत फिसलकर 23,280 के स्तर तक आ गया।

क्षेत्रवार सूचकांकों में अधिकांश लाल निशान में कारोबार करते दिखे। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। निफ्टी आईटी करीब 4 प्रतिशत टूट गया, जबकि निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम सूचकांक में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। रियल्टी, वित्तीय सेवाएं, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और मीडिया शेयरों पर भी दबाव रहा।

मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी 1 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली। वहीं बाजार की अस्थिरता मापने वाला इंडिया वीआईएक्स 8 प्रतिशत से अधिक उछल गया।

निफ्टी के शेयरों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (TCS) के शेयर लगभग 6 प्रतिशत टूट गए। इसके अलावा टेक महिंद्रा, इंफोसिस और HCLTech के शेयरों में 4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं बजाज फाइनेंस लिमिटेड, ऐक्सिस बैंक और श्रीराम फाइनेंस भी प्रमुख नुकसान वाले शेयरों में शामिल रहे।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितता फिलहाल घरेलू बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम बनी हुई हैं। ऊंचे तेल दामों के कारण निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता तथा खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 1 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 97.16 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 2.47 प्रतिशत की तेजी के साथ करीब 96 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। जापान का निक्केई 225 करीब 3 प्रतिशत चढ़ा, जबकि हैंग सेंग इंडेक्स लगभग 2 प्रतिशत और इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट सूचकांक करीब 4 प्रतिशत गिर गया।

वहीं अमेरिकी बाजार में पिछले सत्र में सीमित बढ़त दर्ज की गई। एस एंड पी 500 0.13 प्रतिशत और नैस्डैक कंपोजिट 0.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।