दवाओं की होम डिलीवरी पर लग सकता है ब्रेक, DTAB ने दोबारा समीक्षा के दिए निर्देश; जानें क्या है वजह
नई दिल्ली: कोविड महामारी के दौरान शुरू हुई दवाओं की होम डिलीवरी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर समीक्षा की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। दवा कारोबारियों के संगठनों की ओर से इस व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग उठाई गई है। इसके बाद ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) ने दवाओं की होम डिलीवरी व्यवस्था की दोबारा समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की समीक्षा के लिए गठित उपसमिति को मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर इस व्यवस्था पर फिर से विचार करना होगा। जरूरत पड़ने पर दवा कारोबारियों के संगठनों को भी अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
दूर-दराज के लोगों को सुविधा मिलने की दलील
सूत्रों के अनुसार, उपसमिति में कई सदस्य दवाओं की होम डिलीवरी व्यवस्था जारी रखने के पक्ष में हैं। उनका मानना है कि इससे दूर-दराज के इलाकों और खासकर गांवों में रहने वाले लोगों को दवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं।
ऐसे में समीक्षा के दौरान होम डिलीवरी के मौजूदा प्रभाव और इससे लोगों को मिल रही सुविधा को भी ध्यान में रखा जा सकता है। फिलहाल व्यवस्था को बंद करने का अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
रक्तदाताओं की पहचान डिजिटल करने की सिफारिश
DTAB ने रक्तदान से जुड़ी व्यवस्था में भी डिजिटल पहचान को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। बोर्ड ने रक्तदाताओं की पहचान को आधार और आभा से जोड़ने की सिफारिश की है।
बोर्ड के अनुसार, इससे रक्तदाताओं की पहचान करने और रक्तदान के बाद उनकी निगरानी में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही ऐसे रक्तदाताओं की पहचान करने में भी मदद मिलेगी, जिन्हें किसी कारण से रक्तदान करने से रोका गया हो।





