बाढ़ में योगी सरकार का बड़ा राहत अभियान, 3.36 लाख लंच पैकेट बांटे, 16,784 लोगों को सुरक्षित निकाला

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति के बीच योगी सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित परिवारों तक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने के साथ जलमग्न इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का काम लगातार जारी है। अब तक 68,953 खाद्यान्न पैकेट और 3.36 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। राहत-बचाव के लिए 1,499 नाव और मोटरबोट लगाई गई हैं, जबकि 16,784 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 5.02 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 1.77 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट भी वितरित किए गए हैं।

23 जिलों में युद्धस्तर पर राहत-बचाव अभियान
उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त के अनुसार अब तक 35 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि 23 जिलों में अभी भी बाढ़ का असर बना हुआ है। अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, सोनभद्र, उन्नाव और वाराणसी में राहत-बचाव कार्य लगातार चल रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने और जरूरतमंदों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं।

16,784 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के अभियान के तहत अब तक 16,784 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है। बुधवार को ही 3,042 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। जलमग्न इलाकों में राहत दल नावों और मोटरबोट्स की मदद से लगातार लोगों तक पहुंच रहे हैं।

आवागमन प्रभावित होने के बावजूद बाढ़ प्रभावित गांवों तक राहत टीमों की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। अब तक 1,499 नावों एवं मोटरबोट्स का इस्तेमाल किया गया है। इनके जरिए बचाव दल लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ आवश्यक राहत सामग्री भी पहुंचा रहे हैं।

भोजन की व्यवस्था पर सरकार का खास फोकस
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था को राहत अभियान में प्राथमिकता दी गई है। अब तक 68,953 खाद्यान्न पैकेट और 3.36 लाख से अधिक लंच पैकेट बांटे जा चुके हैं। जरूरत के अनुसार प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री का वितरण लगातार जारी है, ताकि बाढ़ की स्थिति में परिवारों को तत्काल खाद्य सहायता मिलती रहे।

संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य इंतजाम
बाढ़ के बाद दूषित पानी से संक्रमण और जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब तक 5.02 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 1.77 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। प्रभावित लोगों को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए 1,067 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। सुरक्षित ठहरने के लिए 1,311 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें 201 शरणालय फिलहाल संचालित हैं।

पशुधन से लेकर क्षतिग्रस्त मकानों तक मदद
राहत अभियान में बाढ़ प्रभावित पशुधन के लिए भी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक 36,287 पशु बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। वहीं बाढ़ में मकान क्षतिग्रस्त होने के 442 मामलों में प्रभावित परिवारों को सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। राहत और बचाव के साथ क्षति का आकलन करने तथा प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने का काम भी लगातार जारी है।

 

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