FSSAI का बड़ा एक्शन, 150 से ज्यादा कंपनियों को नोटिस; Nestlé, PepsiCo समेत कई बड़े ब्रांड जांच के घेरे में
नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने खाद्य और पेय पदार्थों से जुड़ी कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने 150 से ज्यादा कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई गुमराह करने वाले विज्ञापनों, भ्रामक दावों और खाद्य उत्पादों पर लेबलिंग से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने के मामलों में की गई है।
कई बड़े ब्रांड जांच के दायरे में
FSSAI की कार्रवाई की जद में Nestlé India, PepsiCo, Coca-Cola India, Mondelez India, Abbott India, Danone India, Red Bull India, Monster Energy, Ferrero India, Diageo और Pernod Ricard जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। नियामक की ओर से हाल के महीनों में खाद्य सुरक्षा और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन को लेकर कई कंपनियों पर कार्रवाई की गई है।
‘100 प्रतिशत’ जैसे दावों पर भी सवाल
जांच के दौरान कंपनियों की पैकेजिंग और विज्ञापनों में किए जा रहे ‘100 प्रतिशत’ सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी दावों पर भी आपत्ति जताई गई है। नोटिस जारी होने के बाद कई कंपनियों ने अपने उत्पादों से ऐसे दावे हटाने और पैकेजिंग में जरूरी बदलाव करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नियामक का फोकस बच्चों के खाद्य उत्पादों, ऊर्जा पेय और अन्य पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर भी है। FSSAI यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कंपनियां उपभोक्ताओं के सामने ऐसे दावे पेश न करें, जिन्हें निर्धारित नियमों के तहत उचित तरीके से प्रमाणित नहीं किया जा सकता।
ई-कॉमर्स कंपनियों पर भी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण की कार्रवाई केवल खाद्य निर्माता कंपनियों तक सीमित नहीं रही है। Amazon और Flipkart जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को भी 12 नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं KFC, McDonald’s, Pizza Hut, Domino’s और Costa Coffee सहित फूड-सर्विस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को 30 से ज्यादा नोटिस दिए गए हैं।
Domino’s के पांच लाइसेंस निलंबित
FSSAI के मुताबिक Domino’s के पांच लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं। नियामक की कार्रवाई से साफ है कि खाद्य उत्पादों की बिक्री, प्रचार और उनसे जुड़ी जानकारी में नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है।
नोटिस के बाद कंपनियों ने शुरू किए बदलाव
नोटिस मिलने के बाद कई कंपनियों ने अपने विज्ञापनों और उत्पादों की पैकेजिंग से विवादित दावों को हटाना शुरू कर दिया है। FSSAI ने कहा है कि कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य उत्पादों से जुड़ी जानकारी में पारदर्शिता बढ़ाना और उपभोक्ताओं को भ्रामक दावों से बचाना है।





