अयोध्या राम मंदिर में अनोखा दान, रामलला को 10 हजार और कर्मचारियों की सुविधाओं के लिए दिए 4 करोड़ रुपये
अयोध्या। चेन्नई से अयोध्या पहुंचीं महिला श्रद्धालु एसनाग लक्ष्मी इन दिनों अपने अनोखे दान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने रामलला के लिए 10 हजार रुपये का समर्पण किया, जबकि राम मंदिर में काम करने वाले कर्मचारियों की सुविधाएं बेहतर करने और वेतन बढ़ाने के लिए 4 करोड़ रुपये का चेक दिया। मंदिर कर्मियों के नाम इतनी बड़ी धनराशि समर्पित किए जाने को खास पहल माना जा रहा है।
चार करोड़ रुपये के दान के पीछे बताई अपनी मंशा
एसनाग लक्ष्मी ने चार करोड़ रुपये का समर्पण करते हुए अपनी मंशा भी स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि इस धनराशि का इस्तेमाल राम मंदिर में कार्यरत कर्मचारियों की सुविधाएं बेहतर करने और उनके वेतन में बढ़ोतरी के लिए किया जाए। श्रद्धालु की ओर से मंदिर में सेवा देने वाले कर्मचारियों को ध्यान में रखकर किया गया यह समर्पण चर्चा का विषय बन गया है।
कर्मचारियों के वेतन और कार्य अवधि को लेकर उठे सवाल
यह दान ऐसे समय में सामने आया है, जब राम मंदिर में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतनमान और कार्य अवधि को लेकर चर्चा चल रही है। कुछ दिन पहले कम वेतन और बढ़ी कार्य अवधि के कारण एक दर्जन से अधिक गणना कर्मियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद मंदिर में काम करने वाली विभिन्न एजेंसियों से जुड़े कर्मचारियों और सेवादारों में वेतनमान को लेकर असंतोष की चर्चा भी तेज हुई।
मंदिर कर्मचारियों के लिए इतना बड़ा समर्पण बना चर्चा का विषय
चेन्नई की श्रद्धालु एसनाग लक्ष्मी की पहल को अपने तरह का अलग मामला बताया जा रहा है। राम मंदिर में सेवा देने वाले कर्मचारियों की सुविधाओं और वेतन वृद्धि के लिए किसी श्रद्धालु की ओर से इतनी बड़ी राशि समर्पित किए जाने की चर्चा है। उनकी पहल को रामलला के प्रति आस्था के साथ मंदिर कर्मियों के प्रति सम्मान और संवेदना के रूप में भी देखा जा रहा है।
रामकथा संग्रहालय को मिला विशेष गदा शंख
इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा संचालित अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में उड़ीसा से आए सत्यकेतन महन्ती ‘कीनू’ ने एक विशेष उपहार भेंट किया। भारत के पुरावशेषों और हस्तशिल्प के बड़े संग्रहकर्ता एवं संरक्षणकर्ता सत्यकेतन महन्ती ने संग्रहालय के लिए गदा शंख भेंट किया, जिसे संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीब कुमार सिंह ने स्वीकार किया।
21 इंच लंबा और करीब 4 किलो वजनी है शंख
संग्रहालय के निदेशक के मुताबिक, इस गदा शंख का वैज्ञानिक नाम ‘अस्ट्रैलियन ट्रम्पेट कोंच’ है। इसकी लंबाई करीब 21 इंच, गोलाई करीब 26 इंच और वजन लगभग 4 किलोग्राम है। बताया गया कि भारत में अधिकतम 25 इंच तक के शंख पाए गए हैं और यह विशाल शंख 21 इंच का है।
शंख के साथ रामायण कथा के दो खंड भी भेंट
सत्यकेतन महन्ती ने गदा शंख के साथ ‘सम्बल रामायण कथा’ के दो खंड भी संग्रहालय को भेंट किए। इस अवसर पर संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीब कुमार सिंह ने समाजसेवी और विज्ञान प्रसारक लक्ष्मीनारायण बख्शी तथा सत्यकेतन महन्ती के प्रति आभार जताया।



