शादमान इस्लाम का विकेट लेते ही स्टार्क का ऐतिहासिक कमाल, हेराथ को पीछे छोड़ा और कपिल देव की बराबरी

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नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन में खेले जा रहे पहले टेस्ट में शादमान इस्लाम का विकेट लेकर टेस्ट क्रिकेट में बड़ी उपलब्धि हासिल की। इस विकेट के साथ स्टार्क के टेस्ट विकेटों की संख्या 434 हो गई और वह टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के गेंदबाज बन गए। उन्होंने श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर रंगना हेराथ को पीछे छोड़ा, जिनके नाम 433 टेस्ट विकेट हैं।

मैच से पहले स्टार्क और हेराथ दोनों के नाम 433-433 टेस्ट विकेट थे। बांग्लादेश की पहली पारी के नौवें ओवर में स्टार्क ने शादमान इस्लाम को आउट किया। नाथन लायन ने उनका कैच पकड़ा और इस विकेट के साथ स्टार्क ने नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

434 विकेट के साथ कपिल देव की बराबरी

शादमान इस्लाम का विकेट लेते ही स्टार्क ने भारत के महान ऑलराउंडर और पूर्व कप्तान कपिल देव की भी बराबरी कर ली। कपिल देव ने 1978 से 1994 के बीच 131 टेस्ट मैचों में 434 विकेट हासिल किए थे।

स्टार्क ने 434 विकेट का आंकड़ा अपने 106वें टेस्ट में हासिल किया है। इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में स्टार्क और कपिल देव संयुक्त रूप से 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

टेस्ट में सबसे सफल बाएं हाथ के गेंदबाज बने स्टार्क

बाएं हाथ के गेंदबाजों की सूची में स्टार्क अब सबसे ऊपर पहुंच गए हैं। रंगना हेराथ 433 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम 414 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर हैं।

न्यूजीलैंड के डेनियल वेटोरी ने टेस्ट क्रिकेट में 362 विकेट लिए हैं, जबकि श्रीलंका के चामिंडा वास के नाम 355 विकेट हैं। भारत के रवींद्र जडेजा 348 टेस्ट विकेट के साथ इस सूची में शामिल हैं।

डेल स्टेन से छह विकेट दूर, टॉप-10 पर नजर

स्टार्क अब टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सर्वकालिक टॉप-10 सूची में जगह बनाने से भी ज्यादा दूर नहीं हैं। दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन 439 विकेट के साथ इस सूची में 10वें स्थान पर हैं।

स्टार्क के नाम फिलहाल 434 विकेट हैं। ऐसे में स्टेन को पीछे छोड़कर टॉप-10 में जगह बनाने के लिए उन्हें छह और विकेट की जरूरत है। बांग्लादेश के खिलाफ मौजूदा टेस्ट में उनका प्रदर्शन इस दिशा में अहम हो सकता है।

2010 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किया था पदार्पण

मिचेल स्टार्क ने अक्टूबर 2010 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। तेज रफ्तार, स्विंग और खतरनाक यॉर्कर उनकी गेंदबाजी की प्रमुख ताकत रही है। बड़े टूर्नामेंट में भी उनका प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया की सफलता में अहम रहा है।

स्टार्क 2015 और 2023 में वनडे विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा रहे। 2015 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया था।

वनडे और टी20 में भी शानदार रहा है रिकॉर्ड

स्टार्क उन चुनिंदा क्रिकेटरों में शामिल हैं, जिन्होंने वनडे विश्व कप, टी20 विश्व कप और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीता है। वनडे क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 130 वनडे अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 23.58 की औसत से 247 विकेट लिए हैं।

सितंबर 2025 में स्टार्क ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में उनका सफर अब भी जारी है और शादमान इस्लाम का विकेट उनके करियर में एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है।

 

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