यूपी में छात्राओं को स्कूटी देने की तैयारी तेज, हर पाठ्यक्रम से कम से कम एक मेधावी को मिलेगा लाभ

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने की योजना को लेकर प्रक्रिया तेज कर दी गई है। योगी सरकार की ओर से कैबिनेट की मंजूरी और बजट आवंटन के बाद अब उच्च शिक्षा विभाग विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों से पात्र छात्राओं का ब्योरा जुटाकर सूची को अंतिम रूप देने में जुटा है। योजना के तहत विभिन्न पाठ्यक्रमों में शीर्ष पांच प्रतिशत मेधावी छात्राओं को स्कूटी दी जानी है। खास बात यह है कि कम छात्र संख्या वाले पाठ्यक्रमों में भी कम से कम एक मेधावी छात्रा को योजना का लाभ देने की तैयारी है।

विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से मांगा गया छात्राओं का ब्योरा

उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों से शैक्षिक सत्र 2025-26 की मेधावी छात्राओं से जुड़ी जानकारी मांगी है। इसमें स्नातक उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं के परीक्षा परिणाम के साथ स्नातक द्वितीय वर्ष पास करने वाली उन छात्राओं का विवरण भी मांगा गया है, जिन्होंने 80 प्रतिशत से अधिक अंक या 8 से अधिक सीजीपीए हासिल किया है।

इसके अलावा 2025-26 में स्नातक द्वितीय वर्ष में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक अथवा 8.5 या उससे अधिक सीजीपीए हासिल करने वाली छात्राओं और इससे बेहतर प्रदर्शन करने वाली मेधावी छात्राओं का डाटा भी जुटाया जा रहा है। पोर्टल पर परिणाम अपलोड करने और उसकी जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उच्च शिक्षण संस्थानों से मिले आंकड़ों का सत्यापन भी किया जाएगा।

कम छात्राओं वाले पाठ्यक्रम में भी मिलेगी स्कूटी

बैचलर ऑफ वोकेशनल, फाइन आर्ट्स समेत कई पाठ्यक्रमों में छात्राओं की संख्या कम होने के कारण शीर्ष पांच प्रतिशत का आंकड़ा एक से कम आ रहा है। ऐसी स्थिति में किसी छात्रा को योजना से बाहर नहीं रखा जाएगा। संबंधित पाठ्यक्रम में सबसे अधिक अंक हासिल करने वाली कम से कम एक छात्रा को स्कूटी देने की तैयारी है।

यानी जिन पाठ्यक्रमों में 80 प्रतिशत अंक के आधार पर शीर्ष पांच प्रतिशत छात्राओं की संख्या एक से कम बनती है, वहां भी सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्रा को योजना में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

पात्र छात्राओं की सूची को अंतिम रूप देने की तैयारी

उच्च शिक्षा विभाग फिलहाल विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से आंकड़े जुटाने के साथ कम छात्र संख्या वाले पाठ्यक्रमों की स्थिति की समीक्षा कर रहा है। ऐसे पाठ्यक्रमों में निर्धारित प्रतिशत के अनुसार पात्र छात्राओं की संख्या कम होने पर उन्हें राहत देने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि पात्र और मेधावी छात्राओं को जल्द स्कूटी की सौगात दी जा सके।

पहले चरण में 50 हजार छात्राओं को मिल सकती है स्कूटी

योजना के तहत विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में शीर्ष पांच प्रतिशत मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की तैयारी है। इसमें न्यूनतम 80 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली छात्राओं को शामिल किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के पास इसके लिए करीब 400 करोड़ रुपये का बजट है। ऐसे में पहले चरण में लगभग 50 हजार छात्राओं को स्कूटी मिलने की संभावना है। आगे जरूरत के मुताबिक लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए बजट में भी बढ़ोतरी की जा सकती है।

 

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