PM मोदी के कथित मॉर्फ्ड वीडियो मामले में Meta का पहला बयान, जांच एजेंसियों के साथ सहयोग की बात कही
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कथित मॉर्फ्ड वीडियो और आपत्तिजनक सामग्री के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद फेसबुक की मूल कंपनी मेटा की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। कंपनी ने कहा है कि वह संबंधित जांच एजेंसियों के लगातार संपर्क में है और मामले की जांच में पूरा सहयोग कर रही है। इस बीच हैदराबाद पुलिस ने मेटा इंडिया के प्रमुख समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मेटा के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि कंपनी संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है और मामले के समाधान में हर संभव सहयोग दे रही है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित तौर पर मॉर्फ्ड तस्वीरें और वीडियो साझा किए जाने से जुड़ा है। शिकायत मिलने के बाद हैदराबाद पुलिस की साइबर क्राइम इकाई ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई दो अलग-अलग शिकायतों के आधार पर की गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से ऐसा कंटेंट साझा किया गया, जो सार्वजनिक व्यवस्था, देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
20 सोशल मीडिया अकाउंट्स जांच के घेरे में
शिकायत में करीब 20 फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट्स का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इन अकाउंट्स के जरिए आपत्तिजनक और कथित रूप से मॉर्फ्ड सामग्री साझा की गई। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ इस मामले में मेटा की भूमिका की भी जांच करने की मांग की है।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद साइबर क्राइम पुलिस संबंधित अकाउंट्स, उनकी डिजिटल गतिविधियों और कथित सामग्री के स्रोत की जांच में जुटी हुई है।
केंद्र सरकार ने भी मांगा स्पष्टीकरण
इस मामले में केंद्र सरकार ने भी मेटा से विस्तृत जवाब मांगा है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब कर पूरे घटनाक्रम पर नीतिगत और तकनीकी स्तर पर स्पष्टीकरण देने को कहा है। अधिकारियों की बैठक अगले कुछ दिनों में होने की संभावना है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि सरकार यह जानना चाहती है कि संबंधित सामग्री और उस पर प्लेटफॉर्म द्वारा की गई कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई। उन्होंने कहा कि भारत अपनी चिंताओं से मेटा को सीधे अवगत कराना चाहता है और पूरे मामले की विस्तृत जानकारी चाहता है।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। जांच एजेंसियां सोशल मीडिया पर साझा की गई कथित मॉर्फ्ड सामग्री, उससे जुड़े अकाउंट्स और पूरे मामले में प्लेटफॉर्म की भूमिका की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं।





