रामलला के गर्भगृह में लगेगा एसी! भीषण गर्मी से राहत की तैयारी, मंदिर की मूल संरचना को बिना छेड़े होगा बड़ा बदलाव
अयोध्या: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह में विराजमान रामलला को भीषण गर्मी से राहत देने के लिए एयर कंडीशनर लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। मंदिर निर्माण से जुड़ी इंजीनियरिंग टीम ने गर्भगृह का तकनीकी सर्वे कर एसी स्थापना की संभावनाओं का आकलन किया है। योजना का उद्देश्य तापमान नियंत्रण की ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिससे मंदिर की मूल संरचना और पूजा-पद्धति प्रभावित न हो।
वर्तमान में गर्भगृह पूरी तरह पत्थरों से निर्मित है और यहां एयर कंडीशनर की सुविधा उपलब्ध नहीं है। गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान का असर रामलला के विग्रह के साथ-साथ नियमित पूजा-अर्चना करने वाले पुजारियों पर भी पड़ता है। फिलहाल अस्थायी व्यवस्था के तहत कूलर का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन अब स्थायी समाधान के रूप में एसी लगाने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
तकनीकी सर्वे के बाद तैयार होगी नई व्यवस्था
इंजीनियर ऐसी तकनीक पर काम कर रहे हैं, जिससे एसी लगाने के दौरान श्रद्धालुओं के दर्शन और नियमित पूजा में किसी प्रकार की बाधा न आए। पूरी व्यवस्था इस तरह विकसित करने की योजना है कि उपकरण कम से कम दिखाई दें और उनकी कार्यक्षमता भी प्रभावी बनी रहे।
पत्थर की संरचना बनी सबसे बड़ी चुनौती
गर्भगृह की पत्थर से निर्मित संरचना के कारण एसी स्थापित करना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञ इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि शीतलन प्रणाली विकसित करते समय मंदिर की वास्तुकला, शिल्पकला और सौंदर्य पर किसी प्रकार का असर न पड़े।
तापमान के साथ नमी का भी रखा जाएगा संतुलन
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत एसी की पाइपलाइन, डक्टिंग और विद्युत प्रणाली इस प्रकार तैयार की जाएगी कि मंदिर की संरचना पूरी तरह सुरक्षित रहे। साथ ही तापमान के साथ नमी का संतुलन बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि पत्थरों, धातु के अलंकरणों और रामलला के विग्रह पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
दान व्यवस्था में भी किया गया बदलाव
इस बीच, कुछ दिन पहले राम मंदिर में दान राशि से जुड़ी चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान गिनने की व्यवस्था में बदलाव किया है। ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक ने नकदी की गणना की जिम्मेदारी निजी एजेंसी के कर्मचारियों से हटाकर पूरी तरह बैंक के नियमित कर्मचारियों को सौंप दी है।





