ट्रंप का बड़ा बयान: ‘ईरान से सकारात्मक बातचीत जारी’, समझौते के संकेत के साथ सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दोहराई

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नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीतिक वार्ता को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सकारात्मक और दोस्ताना माहौल में बातचीत आगे बढ़ रही है तथा समझौते की संभावना बनी हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि यदि बातचीत किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंची, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और उन्हें समाधान निकलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यदि वार्ता सफल नहीं होती है तो अमेरिका वही कदम उठाएगा, जो कुछ दिन पहले उठाने की तैयारी कर रहा था।

चुनावी रैली में दिखाया सख्त रुख

बाद में मिशिगन में आयोजित एक चुनावी रैली में ट्रंप का रुख और अधिक आक्रामक दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि ईरान को केवल बातचीत या रियायतों के जरिए नहीं, बल्कि सख्त कदम उठाकर ही रोका जा सकता है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है और इसी दबाव के कारण तेहरान बातचीत की मेज पर आने के लिए तैयार हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी अभियान के दौरान ईरान की नौसेना, वायुसेना, सैन्य नेतृत्व, वायु रक्षा प्रणाली तथा ड्रोन और मिसाइल निर्माण क्षमता को बड़ा झटका लगा है। ट्रंप के मुताबिक, यदि अमेरिका ने कठोर नीति नहीं अपनाई होती तो बातचीत की स्थिति भी पैदा नहीं होती।

अमेरिकी नौसेना की भूमिका की सराहना

ट्रंप ने समुद्री अभियान में अमेरिकी नौसेना की भूमिका की भी खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नौसेना ने समुद्री नाकेबंदी के दौरान प्रभावी ढंग से काम किया और ईरान की गतिविधियों पर लगातार कड़ी निगरानी बनाए रखी।

हवाई अभियान रोकने पर भी दी सफाई

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने करीब दो सप्ताह तक चले हवाई अभियान को फिलहाल रोक दिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति को बताया था कि संभावित लक्ष्यों की संख्या कम हो रही है और हथियारों तथा गोला-बारूद के भंडार को लेकर भी चिंताएं सामने आई थीं।

हालांकि ट्रंप ने हथियारों की कमी की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी सैन्य भंडार तेजी से दोबारा तैयार किया जा रहा है और सेना को आधुनिक हथियारों से लगातार मजबूत किया जा रहा है।

ईरान ने औपचारिक बातचीत की खबरों का किया खंडन

दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि मध्यस्थों के माध्यम से दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जारी है, लेकिन ईरान ने अमेरिका से औपचारिक बातचीत शुरू करने का कोई अनुरोध नहीं किया है। उन्होंने इस तरह की खबरों को पूरी तरह निराधार बताया।

ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिया कि यदि ट्रंप द्वारा घोषित युद्धविराम प्रभावी बना रहता है, तो ईरान भी अपने हमलों को रोक सकता है।

सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ा तनाव

इस बीच सऊदी अरब ने दावा किया कि उसके तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाले कई ड्रोन को वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया है। रियाद ने इन हमलों के लिए इराक में सक्रिय ईरान समर्थित समूहों को जिम्मेदार ठहराया और जवाबी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखने की बात कही है।

उधर, यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे सऊदी ड्रोन गतिविधियों के जवाब में उठाया गया कदम बताया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी रणनीतिक हलचल

ईरान ने अमेरिका पर अपने समुद्री क्षेत्र में जहाजों और तेल टैंकरों को डराने-धमकाने तथा अवैध समुद्री नाकेबंदी लागू करने की कोशिश का आरोप लगाया है। तेहरान का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण कायम है और यह वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग बना हुआ है।

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, सोमवार को छह ऐसे जहाजों को वापस लौटा दिया गया, जिन्होंने कथित तौर पर बिना अनुमति होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश की थी।

 

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