युवाओं के लिए खुशखबरी! भारत में खुलेंगे नए प्लांट और ग्लोबल सेंटर, 5000 से ज्यादा नौकरियों की तैयारी
नई दिल्ली: वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और कई देशों में कारोबार की धीमी रफ्तार के बावजूद भारत दुनिया की बड़ी कंपनियों के लिए निवेश का पसंदीदा केंद्र बना हुआ है। मजबूत घरेलू मांग और तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाजार के दम पर भारतीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियां देश में बड़े निवेश की तैयारी कर रही हैं। इसके तहत अगले दो वर्षों में नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिनके जरिए करीब 5,000 नई नौकरियां सृजित होने की संभावना है।
भारत में बढ़ते निवेश का सबसे बड़ा फायदा युवाओं को मिलने वाला है। कई दिग्गज कंपनियां उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ तकनीकी और प्रबंधन क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर भर्ती की योजना बना रही हैं।
मध्य प्रदेश में लगेगा पेय पदार्थों का बड़ा प्लांट
पेय पदार्थ क्षेत्र की प्रमुख कंपनी पेप्सीको ने मध्य प्रदेश के उज्जैन में 1,266 करोड़ रुपये की लागत से फ्लेवर निर्माण संयंत्र स्थापित करने की घोषणा की है। इस परियोजना से करीब 500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है। कंपनी का मानना है कि भारत का बढ़ता उपभोक्ता बाजार भविष्य के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है।
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर में बढ़ेगी भर्ती
फास्ट फूड और सौंदर्य उत्पाद क्षेत्र की दिग्गज कंपनियां अपने नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के लिए भारत में भर्ती प्रक्रिया चला रही हैं। इन केंद्रों के जरिए तकनीकी, डिजिटल और वैश्विक संचालन से जुड़ी भूमिकाओं में बड़ी संख्या में अवसर उपलब्ध होंगे।
आंध्र प्रदेश में 850 करोड़ रुपये का निवेश
एयर कंडीशनिंग और तकनीकी समाधान क्षेत्र की एक प्रमुख वैश्विक कंपनी आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में करीब 850 करोड़ रुपये की लागत से नया संयंत्र स्थापित करने जा रही है। इस परियोजना के तहत लगभग 1,500 कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हैदराबाद बनेगा ग्लोबल टेक हब
सौंदर्य उत्पाद क्षेत्र की अग्रणी कंपनी हैदराबाद में 3,500 करोड़ रुपये के निवेश से अपना पहला ग्लोबल टेक हब विकसित कर रही है। कंपनी के अनुसार इस परियोजना से वर्ष 2030 तक करीब 2,000 कुशल युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह केंद्र डिजिटल तकनीक, डेटा और वैश्विक संचालन से जुड़े कार्यों का प्रमुख आधार बनेगा।
मध्य प्रदेश में 2,000 करोड़ रुपये का नया प्लांट
स्वास्थ्य और उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली कंपनी मध्य प्रदेश में 2,000 करोड़ रुपये की लागत से नया उत्पादन संयंत्र स्थापित कर रही है। इस परियोजना से लगभग 500 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से भी बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर बनने की संभावना है।
कंपनी प्रबंधन का कहना है कि स्थानीय प्रतिभाओं को प्राथमिकता देने के साथ कौशल विकास और क्षेत्रीय सप्लायर नेटवर्क को भी मजबूत किया जाएगा।
तमिलनाडु में ग्रीनफील्ड परियोजना पर जोर
घरेलू उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्र की प्रमुख कंपनी तमिलनाडु में नया ग्रीनफील्ड प्लांट स्थापित कर रही है। इस परियोजना में 400 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। कंपनी के अनुसार इस प्लांट के जरिए करीब 250 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
गुरुग्राम में बनेगा नया आईटी केंद्र
डेनमार्क की प्रमुख कंपनी गुरुग्राम में अपना पहला आईटी ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित कर रही है। शुरुआती चरण में 300 से अधिक आईटी पेशेवरों की भर्ती की जाएगी। यह केंद्र डिजिटल परिवर्तन, तकनीकी विकास और वैश्विक आईटी संचालन को मजबूती देने का काम करेगा।
GCC बन रहे करियर ग्रोथ का नया केंद्र
भर्ती विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर अब केवल बैक-ऑफिस तक सीमित नहीं रह गए हैं। इन केंद्रों में कर्मचारियों को वैश्विक स्तर की जिम्मेदारियां, तेज निर्णय प्रक्रिया और बेहतर करियर ग्रोथ के अवसर मिल रहे हैं। यही वजह है कि युवाओं के बीच इन संस्थानों में नौकरी की मांग तेजी से बढ़ रही है।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत पर बढ़ा भरोसा
हालांकि जून में निजी क्षेत्र की गतिविधियों की रफ्तार में कुछ नरमी दर्ज की गई, लेकिन घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है और विनिर्माण क्षेत्र में सुधार जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। यही कारण है कि बड़ी कंपनियां देश में निवेश बढ़ाने और रोजगार सृजन पर लगातार जोर दे रही हैं।





