बेन स्टोक्स की विदाई पर न्यूजीलैंड का पानी फेर गया सपना! आखिरी टेस्ट में इंग्लैंड को 160 रन से हराकर सीरीज भी जीती
नई दिल्ली: इंग्लैंड के दिग्गज ऑलराउंडर बेन स्टोक्स अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत जीत के साथ नहीं कर सके। नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए तीसरे और निर्णायक टेस्ट में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 160 रन से करारी शिकस्त देकर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। इसके साथ ही स्टोक्स की यादगार विदाई की उम्मीदें भी टूट गईं और न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड की धरती पर ऐतिहासिक सफलता हासिल कर ली।
373 रन के लक्ष्य के सामने बिखरी इंग्लैंड की बल्लेबाजी
मैच जीतने के लिए इंग्लैंड को 373 रन का लक्ष्य मिला था। पांचवें दिन टीम ने 103 रन पर चार विकेट से आगे खेलना शुरू किया, लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। इंग्लैंड का कोई भी बल्लेबाज लंबी पारी नहीं खेल सका और पूरी टीम 212 रन पर सिमट गई। लंच के कुछ ही समय बाद मुकाबला समाप्त हो गया और न्यूजीलैंड ने 160 रन की शानदार जीत दर्ज कर ली।
आखिरी मैच में नहीं चला स्टोक्स का जादू
यह मुकाबला बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम मैच था। चौथे दिन उन्होंने संन्यास की घोषणा की थी, जिसके बाद इंग्लैंड के प्रशंसक उम्मीद कर रहे थे कि टीम अपने कप्तान को जीत के साथ विदाई देगी। हालांकि मैदान पर कहानी अलग रही। दूसरी पारी में ओपनिंग करने उतरे स्टोक्स ने 30 रन बनाए, लेकिन वह टीम को जीत की मंजिल तक नहीं पहुंचा सके।
15 साल के शानदार करियर का हुआ अंत
35 वर्षीय बेन स्टोक्स ने करीब डेढ़ दशक तक इंग्लैंड क्रिकेट की सेवा की। पिछले चार वर्षों से वह टेस्ट टीम की कमान संभाल रहे थे। अपने करियर में उन्होंने कई यादगार पारियां खेलीं और मुश्किल परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाई। हालांकि उनका अंतिम अंतरराष्ट्रीय मुकाबला हार के साथ खत्म हुआ, जो उनके प्रशंसकों के लिए निराशाजनक रहा।
इंग्लैंड के लिए बढ़ी मुश्किलें
यह हार इंग्लैंड क्रिकेट के लिए कई सवाल खड़े कर गई है। साल 2012 के बाद पहली बार टीम अपने घर में तीन या उससे अधिक मैचों की टेस्ट सीरीज हार गई। इसके अलावा इंग्लैंड ने अपने पिछले नौ टेस्ट मुकाबलों में सातवीं हार झेली है। लगातार खराब नतीजों के बाद टीम प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ की रणनीतियों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
टॉम लैथम की कप्तानी में चमका न्यूजीलैंड
न्यूजीलैंड ने पूरे दौरे में संतुलित और अनुशासित क्रिकेट खेली। कप्तान टॉम लैथम के नेतृत्व में बल्लेबाजों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया, जबकि गेंदबाजों ने निर्णायक टेस्ट में इंग्लैंड की बल्लेबाजी को पूरी तरह दबाव में रखा। शानदार प्रदर्शन के दम पर कीवी टीम ने सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली और बेन स्टोक्स की विदाई को फीका कर दिया।





