मानसून पर बड़ा अपडेट: दिल्ली में 5 दिन का अलर्ट, उत्तर भारत में कब होगी झमाझम बारिश? IMD ने बताया पूरा हाल
नई दिल्ली: उत्तर भारत में मानसून की रफ्तार भले ही अभी पूरी तरह नहीं बढ़ी हो, लेकिन मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में राहत भरी बारिश का संकेत दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और इसके असर से दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। राष्ट्रीय राजधानी में अगले पांच दिनों तक बादलों की आवाजाही, तेज हवाएं और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
दिल्ली-एनसीआर में लंबे समय से जारी भीषण गर्मी और उमस के बीच मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान लोगों के लिए राहत लेकर आया है। IMD के अनुसार 27 जून को हल्की बारिश हो सकती है, जबकि 1 और 2 जुलाई के दौरान भी वर्षा के आसार बने हुए हैं। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में दिन के समय धूप निकलने के बाद बादल छाने की संभावना है। दोपहर के समय तेज हवाएं चल सकती हैं और शाम के दौरान कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की जा सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में ऐसा रहेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दिन में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है, लेकिन बीच-बीच में चलने वाली तेज हवाएं और हल्की बारिश लोगों को राहत पहुंचाएगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई के पहले सप्ताह में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में बदलेगा मौसम
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी मौसम में बदलाव के संकेत मिले हैं। इन राज्यों में आने वाले दिनों में बादल छाने, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में गिरावट आने और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
राजस्थान में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने राजस्थान के पश्चिमी जिलों के लिए 27 जून को बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई है। 28 जून से 2 जुलाई के बीच पश्चिमी राजस्थान में हवाओं की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पूर्वी राजस्थान में भी इसी अवधि के दौरान मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।
उत्तराखंड में 30 जून से बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
उत्तराखंड में 30 जून से 2 जुलाई के बीच मौसम अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है। इस दौरान कई इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
इन राज्यों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए बने अनुकूल हालात
IMD के मुताबिक अगले तीन से चार दिनों के दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के और हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इन राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा मानसून का असर
INSAT-3DS से प्राप्त ताजा सैटेलाइट तस्वीरों में मध्य भारत, बंगाल की खाड़ी, पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में घने मानसूनी बादल दिखाई दिए हैं। हालांकि दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बड़े हिस्सों में अभी भी आसमान अपेक्षाकृत साफ नजर आ रहा है। इससे साफ है कि इन क्षेत्रों में मानसून की पकड़ अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुई है।
उत्तर भारत में क्यों धीमी है मानसून की रफ्तार?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून का तंत्र लगातार उत्तर की ओर बढ़ रहा है, लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत में व्यापक बारिश के लिए जरूरी मौसमी सिस्टम अभी विकसित हो रहे हैं। किसी राज्य में मानसून के आधिकारिक प्रवेश का फैसला केवल बारिश के आधार पर नहीं, बल्कि हवाओं की दिशा, नमी के स्तर और बड़े क्षेत्र में लगातार वर्षा जैसी कई परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाता है।
इसी वजह से कई बार किसी राज्य को मानसून प्रभावित घोषित कर दिया जाता है, जबकि उसके कई जिलों में कुछ दिनों तक गर्म और शुष्क मौसम बना रह सकता है।
जुलाई के पहले सप्ताह में तेज हो सकती है बारिश
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बंगाल की खाड़ी के ऊपर मजबूत कम दबाव का क्षेत्र नहीं बनने के कारण मानसून की रफ्तार कुछ धीमी है। ऐसे सिस्टम नमी को भीतर तक खींचकर मध्य और उत्तर भारत में बारिश को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हालांकि मौसम मॉडल संकेत दे रहे हैं कि पूर्वी हिंद महासागर के ऊपर एक बड़ा उष्णकटिबंधीय मौसम तंत्र विकसित हो सकता है, जो अगले चार से सात दिनों में बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से कम दबाव का क्षेत्र बनने और मानसूनी प्रवाह मजबूत होने की संभावना है। यदि यह प्रणाली अनुमान के अनुरूप सक्रिय होती है तो जुलाई के पहले सप्ताह में बारिश की गतिविधियां तेजी पकड़ सकती हैं और दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम भारत के शेष हिस्सों में मानसून की प्रगति तेज हो सकती है।





