होर्मुज में फिर बढ़ी जहाजों की रफ्तार, लेकिन नए समुद्री रास्ते पर ईरान का कड़ा ऐतराज; जारी की सख्त चेतावनी

Strait-of-Hormuz

तेहरान: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हालिया संघर्ष के बाद लंबे समय तक प्रभावित रहे होर्मुज जलडमरूमध्य में अब धीरे-धीरे समुद्री गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। युद्धजनित तनाव और सुरक्षा जोखिमों के कारण प्रभावित इस अहम समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि इसी बीच ईरान ने नए समुद्री मार्ग के इस्तेमाल को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए अंतरराष्ट्रीय जहाजों को चेतावनी जारी कर दी है।

समुद्री निगरानी से जुड़े आंकड़ों के अनुसार 24 जून को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान कुल 70 जहाज इस मार्ग से गुजरे, जिनमें 53 वाणिज्यिक जहाज शामिल थे। बारूदी सुरंगों को हटाने की प्रक्रिया में तेजी आने और कुछ जहाजों द्वारा ओमान के निकट नए मार्ग का उपयोग किए जाने के बाद समुद्री यातायात में सुधार देखने को मिला है।

समझौते के बाद खुला रास्ता, फिर भी पूरी तरह सामान्य नहीं हालात

अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने तथा समुद्री नाकेबंदी समाप्त करने पर सहमति बनी थी। इसके बाद क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हुई है, लेकिन स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं मानी जा रही।

विशेषज्ञों का कहना है कि बारूदी सुरंगों को पूरी तरह हटाने का काम अभी बाकी है। इसके अलावा क्षेत्र में जारी तनाव और सुरक्षा संबंधी आशंकाओं के कारण शिपिंग कंपनियां अब भी सतर्कता बरत रही हैं।

नए समुद्री कॉरिडोर पर ईरान की नाराजगी

ईरान की सैन्य इकाई ने वाणिज्यिक जहाजों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि तेहरान की अनुमति के बिना होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी नए समुद्री मार्ग का उपयोग न किया जाए। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब ओमान ने हाल ही में एक नए शिपिंग कॉरिडोर की घोषणा की है।

ईरान का आरोप है कि नए मार्ग को लेकर उससे कोई औपचारिक परामर्श नहीं किया गया। उसके अनुसार इस तरह के कदम क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।

जहाजों को संपर्क में रहने की हिदायत

ईरानी पक्ष का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अधिकृत मार्ग पहले से निर्धारित हैं और जहाजों को उन्हीं का पालन करना चाहिए। साथ ही समुद्री यातायात में शामिल जहाजों को संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।

ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना समन्वय किसी नए रूट का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं होगा और इससे समुद्री सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

ओमान ने किया नए मार्ग का बचाव

दूसरी ओर ओमान ने नए समुद्री कॉरिडोर का समर्थन करते हुए कहा है कि इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों और सुरक्षित नौवहन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। ओमान का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है।

ओमान ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त ट्रांजिट शुल्क लगाने की योजना नहीं है।

दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है होर्मुज

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे रणनीतिक समुद्री मार्गों में गिना जाता है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है।

खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख ऊर्जा उत्पादक देशों से निकलने वाला कच्चा तेल और गैस इसी समुद्री मार्ग के जरिए भारत समेत एशिया और दुनिया के कई देशों तक पहुंचता है। ऐसे में यहां पैदा होने वाला कोई भी तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर सीधा असर डाल सकता है।

 

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