Amarnath Yatra 2026: जम्मू में तवी रिवर फ्रंट बनेगा यात्रियों का नया हब, यहीं मिलेंगे टोकन और RFID कार्ड
जम्मू: श्री अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने तवी रिवर फ्रंट को यात्रा का प्रमुख केंद्र बनाने का फैसला किया है। यहां करंट पंजीकरण, टोकन वितरण और RFID कार्ड जारी करने सहित कई महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
यात्रा शुरू होने से पहले तवी रिवर फ्रंट पर बड़े पैमाने पर टेंट सिटी तैयार की जा रही है। भगवती नगर चौथे पुल से लेकर वेयरहाउस क्षेत्र तक श्रद्धालुओं के ठहरने और आवश्यक सुविधाओं के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। देशभर और विदेशों से आने वाले भक्तों को यहां पंजीकरण से लेकर अन्य जरूरी सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी।
युद्ध स्तर पर तैयार हो रही टेंट सिटी
प्रशासन द्वारा तवी तट पर व्यापक स्तर पर आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। क्षेत्र में मोबाइल शौचालय स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि बेहतर रोशनी के लिए विशेष लाइटिंग व्यवस्था की जा रही है। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त टेंट लगाने और अन्य सुविधाओं को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है।
अधिकारियों का मानना है कि तवी रिवर फ्रंट को मुख्य केंद्र बनाने से रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों पर भीड़ का दबाव काफी हद तक कम होगा, जिससे यात्रा प्रबंधन अधिक सुचारू हो सकेगा।
3 जुलाई से शुरू होगी पवित्र यात्रा
श्री अमरनाथ यात्रा का औपचारिक शुभारंभ 3 जुलाई से होने जा रहा है। यात्रा को लेकर जम्मू शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल है और विभिन्न विभाग श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य, पूरा क्षेत्र पुलिस निगरानी में
यात्रा की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने कड़े इंतजाम किए हैं। तवी रिवर फ्रंट के आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा घेरा बनाकर नियंत्रित किया गया है। पूरे इलाके में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है तथा बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति या वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
प्रशासन का दावा है कि इस बार यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और पंजीकरण की बेहतर व्यवस्था की गई है। इसके अलावा तवी तट पर कुछ विशेष आकर्षण भी विकसित किए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों को आध्यात्मिक अनुभव के साथ बेहतर सुविधाएं भी मिल सकें।
30 जून से शुरू होगा टोकन वितरण
यात्रा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, करंट पंजीकरण के लिए टोकन वितरण की प्रक्रिया 30 जून से शुरू होगी। वहीं, नॉन-केवाईसी पंजीकरण को ई-केवाईसी पंजीकरण में परिवर्तित करने का कार्य 1 जुलाई से शुरू किया जाएगा। इससे यात्रा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।





