दिल्ली में अभी नहीं मिलेगी Chivas Regal और Absolut Vodka, अदालत के फैसले से पेर्नोड रिकार्ड को बड़ा झटका

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में प्रीमियम शराब ब्रांड Chivas Regal और Absolut Vodka की बिक्री फिलहाल बहाल नहीं हो सकेगी। शुक्रवार को एक भारतीय अदालत ने फ्रांसीसी कंपनी Pernod Ricard की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें दिल्ली में दोबारा शराब बिक्री की अनुमति देने की मांग की गई थी। इस फैसले के बाद कंपनी को दिल्ली बाजार में जारी तीन साल की अनुपस्थिति से फिलहाल कोई राहत नहीं मिल सकी है।

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब कंपनी दिल्ली की रद्द हो चुकी शराब नीति से जुड़े मामलों को लेकर कानूनी जांच और आरोपों का सामना कर रही है। अदालत के इस आदेश के बाद राजधानी में इन ब्रांड्स की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।

तीन साल से दिल्ली बाजार से बाहर है कंपनी

Pernod Ricard के लिए दिल्ली का बाजार बेहद महत्वपूर्ण माना जाता रहा है, लेकिन वर्ष 2023 में दिल्ली के अधिकारियों ने कंपनी का लाइसेंस नवीनीकरण करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद से ही कंपनी के प्रीमियम ब्रांड्स राजधानी में उपलब्ध नहीं हैं।

कंपनी ने अदालत में तर्क दिया था कि लाइसेंस रद्द होने से उसका कारोबार गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है, लेकिन अदालत से उसे कोई राहत नहीं मिली।

ईडी के आरोपों से बढ़ी मुश्किलें

प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि वर्ष 2021 की दिल्ली शराब नीति के तहत रिटेल लाइसेंस प्रक्रिया में शराब कंपनियों, खुदरा विक्रेताओं और राजनीतिक पक्षों के बीच कथित मिलीभगत हुई थी।

जांच एजेंसी के अनुसार, नियमों के तहत शराब निर्माता कंपनियों को सीधे खुदरा बिक्री में शामिल होने की अनुमति नहीं थी, लेकिन आरोप है कि Pernod Ricard ने बैंक गारंटी के माध्यम से रिटेल कारोबार में अप्रत्यक्ष निवेश किया, जो नियमों का उल्लंघन माना गया।

इसके अलावा कंपनी पर दिल्ली सरकार को गलत मूल्य जानकारी देकर करीब 2.3 करोड़ डॉलर के अवैध लाभ का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि कंपनी ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।

भारत कंपनी का सबसे बड़ा बाजार, फिर भी बड़ा नुकसान

बिक्री के लिहाज से भारत Pernod Ricard का सबसे बड़ा वैश्विक बाजार माना जाता है। कंपनी की कुल बिक्री का बड़ा हिस्सा भारत से आता है, जबकि दिल्ली अकेले लगभग 5 प्रतिशत योगदान देता रहा है।

पिछले तीन वर्षों से बिक्री बंद होने के कारण कंपनी को बड़े वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ रहा है और दिल्ली का प्रीमियम बाजार पूरी तरह से उसके हाथ से बाहर है।

अन्य कानूनी मामलों से भी घिरी कंपनी

दिल्ली विवाद के अलावा कंपनी भारत में कई अन्य कानूनी और नियामकीय चुनौतियों का सामना कर रही है। सीमा शुल्क विभाग द्वारा कंपनी पर 300 मिलियन डॉलर से अधिक टैक्स बकाया का मामला भी चल रहा है।

आरोप है कि कंपनी ने स्कॉच व्हिस्की के आयात पर टैक्स कम करने के लिए उत्पाद की उम्र और संरचना से जुड़ी जानकारी कथित तौर पर छिपाई। वहीं कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) भी कंपनी पर बाजार में प्रतिस्पर्धा प्रभावित करने के आरोपों की जांच कर रहा है।

इन सभी विवादों के बीच Pernod Ricard का कहना है कि लगातार चल रही कानूनी कार्यवाहियों से भारत में उसके कारोबार और निवेश पर गंभीर असर पड़ रहा है।

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