मुंह के अंदर दिख रहे हैं ये बदलाव? भूलकर भी न करें नजरअंदाज, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी का हो सकता है संकेत
नई दिल्ली: डायबिटीज को दुनिया की सबसे खतरनाक और तेजी से फैलने वाली बीमारियों में गिना जाता है। यह बीमारी धीरे-धीरे शरीर के कई अंगों को प्रभावित करती है, इसलिए इसे ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अगर समय रहते ब्लड शुगर को नियंत्रित न किया जाए तो डायबिटीज हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर और नर्व डैमेज जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 में डायबिटीज दुनिया में मौत के प्रमुख कारणों में शामिल रही थी। डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों की समय पर पहचान बेहद जरूरी होती है, क्योंकि कई बार शरीर छोटे-छोटे संकेतों के जरिए बीमारी की चेतावनी देता है।
मुंह के अंदर दिख सकते हैं डायबिटीज के संकेत
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार डायबिटीज के कुछ शुरुआती लक्षण मुंह के अंदर भी दिखाई दे सकते हैं, लेकिन लोग अक्सर इन्हें सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार मुंह सूखना यानी ड्राई माउथ और मुंह से मीठी या फलों जैसी गंध आना डायबिटीज के संकेत हो सकते हैं। माना जाता है कि ये लक्षण ब्लड शुगर के असंतुलन या हाइपोग्लाइसीमिया जैसी स्थितियों से जुड़े हो सकते हैं।
इन 7 लक्षणों को भी न करें अनदेखा
डॉक्टरों के मुताबिक कुछ अन्य संकेत भी डायबिटीज की ओर इशारा कर सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
- बार-बार प्यास लगना
- बार-बार पेशाब आना
- लगातार थकान महसूस होना
- आंखों में धुंधलापन
- अचानक वजन कम होना
- मुंह, गले या शरीर पर छाले निकलना
- घाव या जख्म का देर से भरना
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ये लक्षण लगातार दिखाई दें तो तुरंत जांच करवानी चाहिए।
डायबिटीज के दो प्रमुख प्रकार
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि डायबिटीज मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है — टाइप-1 और टाइप-2।
टाइप-1 डायबिटीज में शरीर का इम्यून सिस्टम इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं पर हमला करने लगता है। इस स्थिति में मरीज को नियमित रूप से इंसुलिन लेना पड़ सकता है।
वहीं टाइप-2 डायबिटीज में शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता या शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन पर सही तरीके से प्रतिक्रिया नहीं करतीं। यह समस्या अक्सर मोटापा और खराब जीवनशैली से जुड़ी मानी जाती है।
क्या टाइप-2 डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है?
डॉक्टरों के अनुसार टाइप-2 डायबिटीज को सही खानपान, नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण के जरिए काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए भोजन में संतुलन और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना बेहद जरूरी माना जाता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शरीर में दिखाई देने वाले छोटे बदलावों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि समय पर पहचान और इलाज गंभीर जोखिमों से बचाने में मदद कर सकता है।



